पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से रविवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां स्वात जिले के कबाल कस्बे में आयोजित एक शांति रैली के दौरान जोरदार विस्फोट हो गया। इस धमाके में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह विस्फोट स्वात अमन जिरगा (स्थानीय जनजातीय परिषद) द्वारा आयोजित शांति रैली के दौरान हुआ। घायल लोगों को तुरंत आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी है।
फिदायीन हमले की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विस्फोट का तरीका फिदायीन हमले से मिलता-जुलता प्रतीत हो रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
इलाके में पहले से तनावपूर्ण माहौल
स्वात क्षेत्र पिछले कई महीनों से खराब सुरक्षा स्थिति का सामना कर रहा है। लगातार बढ़ती हिंसक घटनाओं के चलते स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा बल हर पहलू से मामले की जांच कर रहे हैं।
एक सप्ताह पहले भी हुआ था विस्फोट
इससे पहले 26 जुलाई को भी खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में एक विस्फोट हुआ था। सलारजई तहसील के ताली बांध के पास हुए उस धमाके में दो लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान बाजौर निवासी गुलाम और सुलेमान कारी के रूप में हुई थी।
क्यों अशांत बना हुआ है खैबर पख्तूनख्वा?
खैबर पख्तूनख्वा लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों और सीमा पार आतंकवाद से प्रभावित रहा है। अफगानिस्तान से लड़ाकों की आवाजाही, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के साथ उनकी झड़पें और डूरंड लाइन को लेकर स्थानीय आबादी का विरोध इस क्षेत्र में अस्थिरता की बड़ी वजह मानी जाती है। यही कारण है कि यह इलाका पिछले कुछ वर्षों से लगातार सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।