Sawan 2026: सावन में शिवलिंग पर जल कब चढ़ाएं? जानें सोमवार और सावन शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त

 

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस पूरे महीने श्रद्धा और विधि-विधान से शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यदि पूरे सावन में प्रतिदिन जलाभिषेक करना संभव न हो, तो कम से कम सावन के सोमवार और सावन शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल अवश्य चढ़ाना चाहिए। इन तिथियों का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है।

सावन में जलाभिषेक के लिए महत्वपूर्ण तिथियां

सावन का प्रत्येक दिन शिव पूजा के लिए शुभ माना जाता है, लेकिन कुछ विशेष तिथियों पर जलाभिषेक का महत्व और भी बढ़ जाता है। वर्ष 2026 में सावन के प्रमुख दिन इस प्रकार हैं—

10 अगस्त 2026 – सावन का दूसरा सोमवार
11 अगस्त 2026 – सावन शिवरात्रि
17 अगस्त 2026– सावन का तीसरा सोमवार
24 अगस्त 2026– सावन का चौथा सोमवार

सावन में जल चढ़ाने का शुभ समय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पर जलाभिषेक सूर्योदय के बाद और दोपहर से पहले करना सबसे शुभ माना जाता है। वर्ष 2026 में सुबह 4:00 बजे से 11:00 बजे तक का समय जल अर्पित करने के लिए विशेष रूप से शुभ रहेगा। वहीं सूर्यास्त के बाद सामान्य दिनों में जलाभिषेक करने से बचने की सलाह दी जाती है।

सावन शिवरात्रि पर दिन और रात दोनों समय कर सकते हैं जलाभिषेक

इस वर्ष सावन शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। यह वह विशेष अवसर है जब भक्त दिन के साथ-साथ पूरी रात भी भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन रात्रि के चारों प्रहर में शिव पूजा और जलाभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी वजह से कांवड़ यात्रा पूरी करने वाले श्रद्धालु भी अपना कांवड़ जल इसी दिन शिवलिंग पर अर्पित करते हैं।

सावन शिवरात्रि 2026: जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त

सावन शिवरात्रि के दिन जलाभिषेक का शुभ समय **11 अगस्त सुबह 4:54 बजे से शुरू होकर 12 अगस्त देर रात 1:52 बजे तक** रहेगा।

रात्रि के चार प्रहर की पूजा का समय

प्रथम प्रहर: 11 अगस्त, शाम 7:04 बजे से रात 9:45 बजे तक
द्वितीय प्रहर: 11 अगस्त, रात 9:45 बजे से 12 अगस्त, रात 12:26 बजे तक
तृतीय प्रहर: 12 अगस्त, रात 12:26 बजे से सुबह 3:07 बजे तक
चतुर्थ प्रहर:12 अगस्त, सुबह 3:07 बजे से प्रातः 5:49 बजे तक

सावन के इन शुभ अवसरों पर विधि-विधान से जलाभिषेक और भगवान शिव की पूजा करने को अत्यंत फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा से की गई शिव उपासना से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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