नीट पेपर लीक मामले का कनेक्शन अब बिहार तक पहुंच गया है। नालंदा जिले में वाहन जांच के दौरान एक बड़े सॉल्वर गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से नकदी और फर्जी एडमिट कार्ड बरामद हुए हैं।
राजगीर के डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने जानकारी दी कि 3 मई को नीट परीक्षा को देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी और नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ।
जांच के दौरान पुलिस को बैग से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। एक अधिकारी ने बताया कि चेकिंग के दौरान दो वाहन संदिग्ध पाए गए, जिन्हें रोककर पूछताछ की गई। इनमें सवार एक युवक ने खुद को एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र बताया। तलाशी लेने पर बैग से नोटों के बंडल मिले। जब उससे पैसे के बारे में सवाल किया गया तो उसने बताया कि यह रकम करीब 2 लाख रुपये है। इसके बाद पुलिस ने तीनों को वाहन सहित थाने ले जाकर हिरासत में ले लिया।
परीक्षाओं के फर्जी एडमिट कार्ड
अगली कार्रवाई में पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की गई। इस दौरान नीट सहित कई परीक्षाओं के फर्जी एडमिट कार्ड, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और अन्य संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद हुए। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है।
पुलिस ने जानकारी दी कि समय पर कार्रवाई होने के कारण सॉल्वर परीक्षा केंद्र तक पहुंच ही नहीं पाए। अधिकारियों के अनुसार, जिन जगहों पर उन्हें परीक्षा में शामिल होना था, वहां पहले से ही सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए थे और पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई थी। इसी वजह से नकली परीक्षार्थी केंद्र में प्रवेश करने में सफल नहीं हो सके। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों की पहचान भी सामने आ गई है। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र अवधेश कुमार है। उसके साथ अमन कुमार सिंह और पंकज कुमार को भी हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा पुलिस इस पूरे गिरोह के सरगना की तलाश में जुटी हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। साथ ही विभिन्न परीक्षा केंद्रों से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।