पटना के चर्चित कोचिंग विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस की तलाश के बीच खान सर ने अचानक पटना सिविल कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद से पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई थी और कई टीमें विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही थीं।
सूत्रों के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद खान सर सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे, जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी जिला खुफिया इकाई (DIU) को भी सौंपी गई थी। पुलिस को पहले से आशंका थी कि वह किसी भी समय अदालत में सरेंडर कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में फैसल खान उर्फ खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में कानूनी कार्रवाई के बीच उन्होंने कोर्ट का रुख किया। अब आगे की प्रक्रिया अदालत के निर्देशों के अनुसार तय होगी।
कोचिंग विवाद में खान सर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, खान सर के सुरक्षा कर्मियों ने पूछताछ के दौरान दावा किया है कि उन्हें गोली चलाने के लिए कहा गया था और बाकी स्थिति संभालने का आश्वासन दिया गया था। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने फैसल खान उर्फ खान सर के खिलाफ मामला दर्ज किया। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत गंभीर आरोपों के साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। इन धाराओं में दोष सिद्ध होने पर लंबी जेल और आर्थिक दंड का प्रावधान है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की गई। वहीं, प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे में आने से बचें और शांति बनाए रखें।
दूसरी ओर, खान सर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखने की कोशिश की। शुक्रवार को वह अपने कोचिंग संस्थान पहुंचे और छात्रों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पढ़ाई के बजाय पूरे विवाद पर अपनी सफाई दी और विभिन्न तथ्यों के जरिए यह समझाने का प्रयास किया कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने छात्रों से मामले को समझने और अपनी आवाज उठाने की भी अपील की।
इधर, पुलिस ने खान सर के दोनों सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास मौजूद हथियार भी जब्त कर लिए हैं। जांच एजेंसियां अब उपलब्ध सबूतों और बयानों के आधार पर मामले की आगे की कानूनी पड़ताल कर रही हैं।