ईरान के ताजा मिसाइल हमलों के बाद अमेरिका की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमले नहीं रोके गए तो युद्धविराम (सीजफायर) को लेकर चल रही कोशिशों पर असर पड़ सकता है। ट्रंप ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
वहीं, इजरायल ने भी ईरान की कार्रवाई का जवाब देने की बात कही है। इजरायली अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि हमले जारी रहे तो जवाबी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। इससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि लेबनान में उसके सहयोगी संगठन हिजबुल्लाह पर बड़े पैमाने पर हमले किए गए तो वह प्रतिक्रिया देगा। रविवार को इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। इसके कुछ समय बाद ईरान की ओर से इजरायल पर कई मिसाइलें दागी गईं, जिसे जवाबी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इस मिसाइल हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इसके बावजूद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है। बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी दोनों देशों से संयम बरतने और संघर्ष को और न बढ़ाने की अपील कर रहा है।
इजरायल ने दावा किया है कि अप्रैल में लागू हुए नाजुक युद्धविराम (सीजफायर) के बाद पहली बार ईरान की ओर से उस पर सीधे मिसाइल हमले किए गए हैं। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना ने क्षेत्र में शांति बहाल करने की कोशिशों को बड़ा झटका दिया है। उनका कहना है कि हमले के बाद संघर्ष समाप्त कराने और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के लिए चल रहे अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता प्रयास और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।
वहीं, ईरान ने इस कार्रवाई को जवाबी कदम बताया है। तेहरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि लेबनान में उसके सहयोगी संगठन हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया गया तो वह प्रतिक्रिया देगा। रविवार को इजरायली सेना ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हवाई हमले किए, जिन्हें हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई बताया गया।
इजरायल का कहना है कि यह हमला उत्तरी इजरायल पर हिजबुल्लाह की ओर से की गई गोलीबारी के जवाब में किया गया था। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया तथा ईरान ने मिसाइल दागकर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई। ताजा घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में एक बार फिर बड़े संघर्ष की आशंकाओं को बढ़ा दिया है।
बेरूत पर इजरायली हमले ऐसे समय में हुए हैं जब कुछ दिन पहले ही अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इजरायल के बीच तनाव कम करने तथा संघर्षविराम को लेकर बातचीत हुई थी। दोनों देशों की सरकारों ने इस दिशा में सहमति जताई थी, लेकिन ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने इस समझौते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। संगठन का कहना था कि वह अपनी शर्तों पर ही किसी भी तरह के समझौते पर विचार करेगा।
इस बीच, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इजरायली हमले में हुए नुकसान का विवरण जारी किया है। मंत्रालय के अनुसार, एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाए जाने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 अन्य घायल हो गए। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
हमले के बाद प्रभावित इलाके में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। वहीं, बढ़ते तनाव ने एक बार फिर मध्य पूर्व में स्थिरता और शांति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार सभी पक्षों से संयम बरतने और संघर्ष को और न बढ़ाने की अपील कर रहा है।