जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित सोनमर्ग सुरंग के पास शुक्रवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक वाहन हादसे का शिकार हो गया। वाहन के सड़क से फिसलकर पलट जाने से छह जवान घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए सीआरपीएफ कैंप पहुंचाया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, यह दुर्घटना मध्य कश्मीर में श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद टीम ने घायल जवानों को प्राथमिक उपचार दिया, जिसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए गुंड स्थित सीआरपीएफ शिविर भेज दिया गया।
इस बीच, सीआरपीएफ ने सुरक्षा अभियानों के मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी हासिल की है। इस वर्ष की पहली छमाही में बल द्वारा चलाए गए अभियानों के दौरान किसी भी जवान की जान नहीं गई, जो पिछले कई दशकों में पहली बार हुआ है।
सीआरपीएफ के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता ऐसे समय में मिली है, जब देश के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में अर्धसैनिक बल लगातार सक्रिय अभियान चला रहा है।
क्या बोले सीआरपीएफ महानिदेशक?
सीआरपीएफ के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कई दशकों में पहली बार ऐसा हुआ है कि 1 जनवरी से 30 जून 2026 के बीच बल को किसी भी अभियान के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। उन्होंने इसे सीआरपीएफ के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा मार्च में नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा के बाद यह लगातार नौवां महीना है, जब किसी ऑपरेशन के दौरान सीआरपीएफ के किसी जवान की जान नहीं गई। उनके मुताबिक, पिछले कई दशकों में ऐसा पहली बार देखने को मिला है।
देशभर में अहम जिम्मेदारियां निभा रही है CRPF
करीब 3.25 लाख कर्मियों के साथ सीआरपीएफ देश का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है और इसे देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बल नक्सल-विरोधी अभियानों, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों और पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद के खिलाफ अभियानों में सक्रिय रूप से तैनात है।
सीआरपीएफ की स्थापना वर्ष 1939 में ब्रिटिश शासन के दौरान की गई थी। स्वतंत्रता के दो वर्ष बाद इसका नाम बदलकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) कर दिया गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक बल के 2,270 जवान और अधिकारी ड्यूटी के दौरान देश की सेवा करते हुए शहीद हो चुके हैं।