मंगलवार देर दोपहर जापान के दक्षिणी मुख्य द्वीप क्यूशू स्थित कुमामोटो क्षेत्र में 7.1 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिसके तुरंत बाद प्रशासन ने तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, यह भूकंप भारतीय समयानुसार शाम लगभग 4:29 बजे आया, जिसका केंद्र समुद्र की सतह से महज 10 किलोमीटर (6 मील) की गहराई में था।
भूकंप का केंद्र टोक्यो से लगभग 900 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में कुमामोटो के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित था। हालांकि झटके काफी तेज थे, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या हताहत होने की खबर नहीं है। उधर, अमेरिकी पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय तटीय क्षेत्रों के अलावा दूरदराज के इलाकों में सुनामी का कोई बड़ा खतरा नहीं है।
पिछले सप्ताह मेक्सिको में भी आया था 7.4 का भूकंप
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही मेक्सिको के दक्षिणी राज्य चियापास के तट पर भी 7.4 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप दर्ज किया गया था। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, प्यूर्टो माडेरो शहर के पास आए उस भूकंप की गहराई भी जमीन से केवल 10 किलोमीटर नीचे थी, जिसके चलते मध्य अमेरिका, अल साल्वाडोर और ग्वाटेमाला तक भीषण कंपन महसूस किया गया था।
कितना खतरनाक होता है रिक्टर स्केल का आंकड़ा?
भूकंप की तीव्रता को मापने के लिए इस्तेमाल होने वाले रिक्टर पैमाने पर हर स्तर तबाही के अलग संकेत देता है:
- 4.0 – 4.9 तीव्रता: घरों में रखा हल्का-फुल्का सामान अपनी जगह से गिर सकता है।
- 5.0 – 5.9 तीव्रता: भारी सामान और फर्नीचर हिलने लगते हैं।
- 6.0 – 6.9 तीव्रता: इमारतों की नींव और ढांचा दरकने लगता है।
- 7.0 – 7.9 तीव्रता: बहुमंजिला इमारतें गिर सकती हैं और बड़ा नुकसान होता है। (जापान में इसी श्रेणी का भूकंप आया है)
- 8.0 या उससे अधिक: समुद्र में भयानक सुनामी का खतरा बनता है और बड़े पैमाने पर तबाही मचती है।