उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश और जगह-जगह हो रहे भूस्खलन के चलते चार धाम यात्रा पर ब्रेक लग गया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने यात्रा को मंगलवार और बुधवार (28 और 29 जुलाई) दो दिनों के लिए पूरी तरह से स्थगित करने का बड़ा फैसला लिया है। गढ़वाल मंडल के आयुक्त ने जानकारी दी है कि यात्रा मार्ग कई स्थानों पर मलबे के कारण अवरुद्ध हो गए हैं, जिसे हटाने का काम जारी है। मौसम के सामान्य और अनुकूल होने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे की यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी।
केदारनाथ और बद्रीनाथ
मौसम विभाग ने अगले 15 घंटों के लिए गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज आंधी-तूफान आने की भी आशंका जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और आम लोगों से अपील की है कि वे जहां हैं, वहीं सुरक्षित स्थानों पर रहें और बेवजह यात्रा करने या बाहर निकलने से बचें।
उत्तराखंड में मौसम का कहर
सनातन धर्म में मोक्षदायिनी मानी जाने वाली यह पवित्र यात्रा सामान्यतः हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होकर यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम तक जाती है, जो मई-जून से नवंबर तक खुली रहती है। हर साल लाखों श्रद्धालु पापों से मुक्ति और आध्यात्मिक शांति के लिए यहां पहुंचते हैं। प्रशासन सुरक्षा व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर रहा है ताकि मार्ग साफ होते ही यात्रा को पुनः सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।