देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और धांधली को लेकर छात्रों का गुस्सा उफान पर है। जंतर-मंतर से लेकर रांची तक हो रहे लगातार विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले माफियाओं पर नकेल कसने के लिए अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मोर्चा संभाल लिया है और पूरे देश में एक साथ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
ईडी ने राजस्थान, हरियाणा, असम (गुवाहाटी), बिहार (पटना), कर्नाटक, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे प्रमुख राज्यों में पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर (FIR) को टेकओवर करते हुए ईसीआईआर (ECIR) दर्ज कर ली है।
इसके साथ ही, एनईईटी-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले में भी जल्द ही ईडी की आधिकारिक एंट्री होने जा रही है। जांच एजेंसी का मुख्य फोकस ‘प्रोसीड ऑफ क्राइम’ यानी पेपर लीक के जरिए जुटाए गए काले धन और मनी ट्रेल को ट्रैक करना है। माफिया और बिचौलियों द्वारा कमाई गई अवैध संपत्तियों को सीज करने की पूरी तैयारी कर ली गई है और जल्द ही संबंधित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू होगी।
उधर, झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) 14वीं पीटी परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
हालांकि सीआईडी मामले की जांच कर रही है और सरकार ने छात्रों को वित्तीय गड़बड़ी सामने आने पर ईडी जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन ईडी ने सरकार की सिफारिश से पहले ही स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले में ECIR दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। ईडी की इस सक्रियता से देश भर के पेपर लीक सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।