पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोल दिया है। खैबर पख्तूनख्वा से PTI समर्थकों का एक लंबा मार्च इस्लामाबाद की तरफ बढ़ रहा है। पार्टी का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश सफल नहीं हुई, जिसके बाद सड़क पर उतरने का फैसला किया गया।
मार्च को देखते हुए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने शहर में धारा 144 लागू कर दी है। इसके तहत लोगों के एक जगह बड़ी संख्या में जमा होने और प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध है। राजधानी में प्रवेश को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। सरकार ने संवेदनशील इलाकों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है।
बातचीत का दूसरा दौर भी रहा बेनतीजा
PTI और सरकार के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत के दो दौर हो चुके हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। शनिवार शाम करीब 4 बजे सरकार के वार्ताकारों और PTI नेताओं के बीच बातचीत का दूसरा दौर शुरू हुआ था। यह चर्चा पूरी रात चली और रविवार तड़के समाप्त हुई। हालांकि, बैठक किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी।
बातचीत विफल होने के बाद PTI ने अपने समर्थकों को मार्च के लिए लामबंद करना शुरू कर दिया। पार्टी का मुख्य उद्देश्य इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाना है।
हजारों समर्थक इस्लामाबाद की ओर
PTI समर्थकों ने खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मारवत से लॉन्ग मार्च की शुरुआत की। रविवार 4 अक्टूबर से शुरू हुए इस अभियान में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गांडी चौक पर एकत्र हुए और इसके बाद इस्लामाबाद की ओर आगे बढ़े। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों को राजधानी तक पहुंचने के लिए करीब 275 किलोमीटर का सफर तय करना है।
इस बीच PTI ने दावा किया है कि उसके करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। दूसरी ओर, इस्लामाबाद में संसद भवन और प्रमुख हाईवे की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई रास्तों को कंटेनर लगाकर बंद किया गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि PTI का यह मार्च इस्लामाबाद तक पहुंच पाएगा या सरकार सुरक्षा व्यवस्था के जरिए इसे राजधानी से पहले ही रोक देगी। आने वाले घंटों में पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिति और तनावपूर्ण हो सकता है।