दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन एक बार फिर शुरू हो गया है। सोमवार को प्रदर्शनकारियों और संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने मौके को खाली करा दिया था। हालांकि, देर रात प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पर इकट्ठा होने लगे। इस बीच दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने FIR भी दर्ज कर ली है। अब इस मामले में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आखिर क्या है पूरा मामला और हिंसा को लेकर सांसद चंद्रशेखर आजाद पर क्या आरोप लगे हैं? आइए जानते हैं।
सांसद चंद्रशेखर आजाद पर क्या आरोप लगे?
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद के साथ करीब 8 से 10 हजार प्रदर्शनकारी जय सिंह रोड पर जमा हुए और संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान आम लोगों के लिए रास्ता बाधित हो गया।
बताया जा रहा है कि स्थिति को नियंत्रित करने और सड़क खाली कराने के लिए नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा और सेंट्रल डीसीपी रोहित राजबीर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की भीड़ में मौजूद कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिस पर हमला कर दिया। इन लोगों पर कथित तौर पर टाइल और पत्थर तोड़कर पुलिसकर्मियों पर फेंकने, कांच की बोतलें और जूते चलाने के साथ-साथ पथराव करने के आरोप हैं।
ईंट-पत्थर और कांच की बोतलों से पुलिस पर हमला
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों का आरोप है कि भीड़ में प्रदर्शनकारियों से ज्यादा उपद्रवी तत्व मौजूद थे। हमले में घायल एक पुलिसकर्मी के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद के साथ करीब 8 से 10 हजार लोग प्रदर्शन में शामिल थे। पुलिस द्वारा सड़क खाली कराने की कोशिश के दौरान कथित तौर पर कुछ उपद्रवियों ने जवानों पर हमला कर दिया।
बताया गया है कि संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा में 6 IPS अधिकारियों समेत कुल 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।