उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर क्राइम सेल ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 19 से 21 वर्ष की आयु की तीन युवतियां भी शामिल हैं। आरोपियों पर बेरोजगार युवाओं को बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का आरोप है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह ऑनलाइन नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों को निशाना बनाता था। इसके लिए आरोपी विभिन्न जॉब पोर्टलों से उम्मीदवारों का डेटा खरीदते थे और फिर कॉल सेंटर के जरिए उनसे संपर्क करते थे। नौकरी में रुचि दिखाने वाले लोगों को गिरोह के अन्य सदस्यों से जोड़ दिया जाता था।
आरोपी खुद को नामी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर अमूल, अमेजन, इंफोसिस, फ्लिपकार्ट, मैनकाइंड, सुजुकी, पार्ले और सिप्ला जैसी कंपनियों में आकर्षक वेतन वाली नौकरी दिलाने का दावा करते थे। इसके बाद पीड़ितों को व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी जॉइनिंग लेटर, अप्रूवल लेटर और रजिस्ट्रेशन दस्तावेज भेजे जाते थे।
विश्वास जीतने के बाद उम्मीदवारों से रजिस्ट्रेशन फीस, इंटरव्यू शुल्क और गेट-पास चार्ज जैसे विभिन्न बहानों से पैसे वसूले जाते थे। यह रकम फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क और ठगी से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
पुलिस की छापेमारी के दौरान फर्जी कॉल सेंटर से ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया। अधिकारियों ने मौके से 11 कीपैड मोबाइल फोन, दो एंड्रॉयड स्मार्टफोन, एक लैपटॉप, 102 वर्क डेटा शीट और 26 फर्जी जॉइनिंग लेटर, अप्रूवल लेटर तथा रजिस्ट्रेशन दस्तावेज जब्त किए हैं।
जांच के दौरान बरामद मोबाइल नंबरों और उनके IMEI नंबरों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर सत्यापित किया गया। जांच में पता चला कि इन नंबरों और उपकरणों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से कई ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि लोगों को प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे ठगे गए थे।
पुलिस ने इस मामले में कॉल सेंटर के कथित मैनेजर जीशान खान, टीम लीडर और कॉलर सतीश पाल के अलावा कॉलर सोनाली चौरसिया, शिवानी वर्मा और नीलू वर्मा को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों से जुड़े मोबाइल नंबरों, IMEI और बैंक खातों के खिलाफ साइबर क्राइम पोर्टल पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी से संबंधित 60 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस शिकायतकर्ताओं की पहचान कर उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रही है, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क और उसके दायरे का पता लगाया जा सके।