CBI का नीट परीक्षा में अब तक का सबसे बड़ा धमाका: कोचिंग सेंटर के पास मिले 111 हूबहू प्रश्न

 

NEET-UG 2026: महाराष्ट्र के ‘RCC सर’ के मोबाइल से लीक हुआ था केमिस्ट्री का पेपर, परीक्षा से 14 दिन पहले ही हाथ आ गए थे 111 सवाल—CBI का कोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली/लातूर: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली की एक अदालत में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। CBI के मुताबिक, महाराष्ट्र के लातूर में ‘Motegaonkar Sir’s RCC’ नाम से मशहूर यूट्यूब चैनल और रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेज चलाने वाले शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल से परीक्षा का एक बड़ा हिस्सा पहले ही लीक हो चुका था।

यूट्यूबर कोचिंग संचालक के मोबाइल में थे 111 असली सवाल

CBI ने आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि शिवराज मोटेगांवकर के फोन से हाथ से लिखे हुए केमिस्ट्री के 136 सवाल बरामद हुए थे। जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मास्टर प्रश्न सेट से इनका मिलान किया गया, तो इनमें से 111 सवाल हूबहू मैच कर गए। यानी परीक्षा में आने वाले केमिस्ट्री के लगभग सभी महत्वपूर्ण सवाल आरोपी के पास पहले से मौजूद थे।

परीक्षा से 2 हफ्ते पहले ही रच दी गई थी साजिश

जांच एजेंसी के हाथ जो सबसे बड़ा डिजिटल सबूत लगा है, वह है इन तस्वीरों की टाइमिंग। शिवराज के मोबाइल से मिली इन 36 तस्वीरों की कैप्चर डेट 23 अप्रैल 2026 है। जबकि NEET-UG 2026 की परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी। इसका मतलब साफ है कि परीक्षा होने से ठीक दो सप्ताह पहले ही लीक प्रश्न पत्र आरोपियों के मोबाइल तक पहुंच चुका था।

चाइल्ड स्पेशलिस्ट के हॉस्पिटल में डिलीवर हुए थे लीक सवाल

CBI के दावों के मुताबिक, मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर को नीट परीक्षा के ये गुप्त प्रश्न लातूर के ‘सिद्धिविनायक हॉस्पिटल’ परिसर में सौंपे गए थे। यह अस्पताल शहर के जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) डॉ. मनोज शिरुरे का है। जांच में सामने आया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पैनल सदस्य और अनुवादक (Translator) पी. वी. कुलकर्णी ने ही इन प्रश्नपत्रों को लीक कर आरोपियों तक पहुंचाया था।

2. टेलीग्राम पर 10-10 लाख में बिका पेपर, ‘गेस पेपर’ से आए 120 सवाल

जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि लीक किए गए प्रश्नपत्रों की PDF फाइलें टेलीग्राम ऐप के जरिए बेची जा रही थीं। इसके लिए प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये वसूले गए थे। सिर्फ इतना ही नहीं, परीक्षा से कई हफ्ते पहले कुछ चुनिंदा छात्रों के बीच करीब 150 पन्नों का एक ‘गेस पेपर’ बांटा गया था, जिसमें 410 सवाल थे। जब मुख्य परीक्षा हुई, तो इस तथाकथित गेस पेपर में से हूबहू 120 सवाल NEET-UG की केमिस्ट्री परीक्षा में पूछे गए।

3. सॉल्वर गैंग से लेकर बायोमेट्रिक कंपनी तक मिले थे तार, अब तक 13 गिरफ्तार

CBI इस मामले में अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों—दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें शिक्षक और छात्र दोनों शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया था कि इस खेल में एक सॉल्वर गैंग सक्रिय था, जिसने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करने वाली कंपनी के कर्मचारियों के साथ मिलकर धांधली को अंजाम दिया था।

गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा में देश भर के 22.7 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। बड़े पैमाने पर पेपर लीक की बात सामने आने के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 12 मई 2026 को इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *