पाकिस्तान का अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा एक बार फिर भीषण आतंकी हमलों से दहल उठा है। बुधवार को सूबे के दो अलग-अलग जिलों में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर घात लगाकर हमले किए गए। इन आतंकी वारदातों में 3 पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 34 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
पहला हमला: लोअर दीर में पुलिस काफिले पर ग्रेनेड और ऑटोमैटिक हथियारों से बौछार
आतंकियों ने पहली बड़ी वारदात को लोअर दीर जिले के हैदर क्षेत्र स्थित लादम टॉप के पास अंजाम दिया। वहां से गुजर रहे पुलिस के एक काफिले को निशाना बनाते हुए आतंकियों ने अचानक हैंड ग्रेनेड फेंकने शुरू कर दिए। धमाकों के तुरंत बाद स्वचालित (ऑटोमैटिक) हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी की गई।
दूसरा हमला: बन्नू में पुलिस स्टेशन पर धावा
इसके कुछ ही देर बाद दूसरा हमला बन्नू जिले में हुआ, जहां आतंकवादियों ने मिरयान पुलिस स्टेशन को अपना निशाना बनाया। इस हमले में भी भारी गोलाबारी की खबर है, जिसमें 15 लोग घायल हुए हैं। दोनों हमलों को मिलाकर कुल घायलों की संख्या 34 तक पहुंच गई है, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई जवानों की हालत नाजुक बनी हुई है।
इलाके में सेना और पुलिस का जॉइंट सर्च ऑपरेशन
घटना की पुष्टि करते हुए स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में लेने के बाद ही विस्तृत ब्योरा साझा किया जाएगा। फिलहाल, हमलों के तुरंत बाद सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों ने मोर्चा संभाल लिया है। लोअर दीर और बन्नू के प्रभावित इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया गया है और हमलावर आतंकियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर संयुक्त तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया जा रहा है।
खैबर पख्तूनख्वा में हुए ताजा आतंकी हमलों के बाद जमीन पर हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस पूरे मुस्तैदी के साथ हालात को काबू में करने और आतंकियों की धरपकड़ में जुटी हैं। इस बीच, घायलों की स्थिति और इलाके के सुरक्षा इतिहास को लेकर कुछ और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं:
10 पुलिसकर्मियों की हालत गंभीर, बड़े अस्पताल भेजे गए
बन्नू जिले के मिरयान पुलिस स्टेशन पर हुए हमले को लेकर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस वारदात में घायल हुए 15 जवानों में से 10 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार देने के बाद, इन गंभीर रूप से जख्मी जवानों को बेहतर और एडवांस मेडिकल केयर के लिए तुरंत प्रांतीय राजधानी पेशावर रेफर कर दिया गया है।
बन्नू के जिला पुलिस अधिकारी (DPO) कैप्टन मोहम्मद फुरकान बिलाल ने आतंकी घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सुरक्षा और प्रशासनिक अमला जमीनी स्थिति का बारीकी से आकलन कर रहा है। हताहतों और नुकसान की पूरी पुष्टि होने के बाद ही आधिकारिक आंकड़ा जारी किया जाएगा।
छावनी में तब्दील हुआ इलाका, कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन जारी
धमाकों और गोलीबारी की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों (Law Enforcement Agencies) के कमांडो मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को चारों तरफ से घेरकर (Cordon off) एक सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, ताकि आसपास छिपे हमलावर आतंकियों को दबोचा जा सके।
बन्नू में लगातार हो रहे हैं आतंकी हमले: अप्रैल का घाव अभी हरा
सुरक्षा विश्लेषकों के मुताबिक, बन्नू जिला पिछले कुछ समय से आतंकियों के निशाने पर है। इसी साल अप्रैल 2026 में बन्नू के ही डोमेल पुलिस स्टेशन को निशाना बनाकर एक आत्मघाती (Suicide) कार बम धमाका किया गया था। उस भयानक हमले में 5 बेगुनाह नागरिकों की जान चली गई थी और एक पुलिसकर्मी समेत 13 लोग जख्मी हुए थे। अप्रैल की उस घटना के ठीक दो महीने बाद हुए इस नए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल दोनों ही ताजा हमलों की गहन तकनीकी और फॉरेंसिक जांच जारी है।