उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए 10.5 बीघा से अधिक सरकारी और कब्रिस्तान की भूमि को कब्जामुक्त कराया। इस कार्रवाई के दौरान अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया, जिसमें एक ईदगाह, एक मस्जिद, करीब 30-30 फीट ऊंची दो मीनारें और दो मकान शामिल थे।
यह अभियान संभल के मढ़न गांव में चलाया गया और करीब छह घंटे तक प्रशासनिक टीम मौके पर मौजूद रही। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई।
प्रशासन का कहना है कि जिस जमीन पर अतिक्रमण हटाया गया, उसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक है। अधिकारियों के अनुसार, सरकारी और कब्रिस्तान की इस भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था, जिसे अब हटाकर जमीन को प्रशासन के कब्जे में ले लिया गया है।
अवैध प्लॉटिंग की तैयारी, कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
संभल के मढ़न गांव में जिस जमीन पर प्रशासन ने कार्रवाई की, वहां पिछले कुछ वर्षों से अवैध प्लॉटिंग किए जाने की बात सामने आई थी। मामला अदालत तक पहुंचने के बाद अप्रैल में सभी अवैध निर्माणों को हटाने के निर्देश जारी किए गए थे। इन्हीं आदेशों के तहत प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया।
प्रशासन के मुताबिक, सरकारी और कब्रिस्तान की भूमि पर बिना अनुमति के ईदगाह, मस्जिद, मीनारों समेत अन्य निर्माण कर लिए गए थे। इसके अलावा जमीन के कुछ हिस्सों को प्लॉट के रूप में विकसित कर व्यावसायिक इस्तेमाल की तैयारी भी चल रही थी। जांच के बाद प्रशासन ने अवैध कब्जों को चिन्हित कर उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
अतिक्रमण हटाने के अभियान को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा था। मौके पर संभल के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स के करीब 100 जवानों की तैनाती की गई थी।
जमीन की पैमाइश और सीमांकन का काम दो नायब तहसीलदारों और आठ लेखपालों की टीम ने पूरा किया। जांच के बाद चिन्हित अवैध निर्माणों को हटाया गया। इस दौरान सरकारी जमीन पर बने दो मकानों को भी बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।