उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में शामिल होकर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। ये नियुक्तियां पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की सीधी भर्ती-2023 के तहत की गई हैं।
इस भर्ती प्रक्रिया में पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद ये सभी चयनित अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देंगे।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। इससे पहले पिछले महीने मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग में नवनियुक्त 3,572 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे।
अगले छह महीनों में एक लाख से ज्यादा नियुक्तियों का दावा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार अगले छह महीनों में उत्तर प्रदेश में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भर्ती आयोगों और बोर्डों में अपने लोगों की नियुक्ति किए जाने से प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हुई थी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद जैसी समस्याएं थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब किसी अभ्यर्थी का चयन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होता है, तो इससे केवल उसके परिवार का ही नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था के प्रति आम लोगों का भरोसा भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले युवाओं में भर्ती प्रक्रिया को लेकर निराशा और अविश्वास का माहौल था, जिसे दूर करने के लिए सरकार ने पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया है।