राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह अपने सभी पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल शुरुआती दो पद (पैराग्राफ) ही गाएगी। इस फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे वोट बैंक की राजनीति और देश की ऐतिहासिक परंपराओं का अपमान करार दिया है।
गोवा कार्यक्रम से शुरू हुआ ताजा विवाद
विवाद की शुरुआत गोवा में आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम से हुई, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल थे। इस दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के सभी छह पैराग्राफ की जगह केवल दो ही पैरा गाए गए। बीजेपी द्वारा इस पर सवाल उठाए जाने के बाद कांग्रेस ने अपना रुख साफ करते हुए इस व्यवस्था को जारी रखने का ऐलान कर दिया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि सरकारी और आधिकारिक कार्यक्रमों में कानून के तहत पूरा ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा, लेकिन पार्टी के आंतरिक मंचों पर पिछले 90 वर्षों से चली आ रही परिपाटी के मुताबिक केवल शुरुआती दो स्टैंजा ही दोहराए जाएंगे।
खरगे बोले- ‘गांधी-पटेल ने भी गाए थे दो पैरा’, बीजेपी का पलटवार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पलटवार करते हुए कहा कि महात्मा गांधी से लेकर सरदार वल्लभभाई पटेल तक स्वतंत्रता सेनानियों ने वंदे मातरम के दो पैरा ही गाए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बीजेपी से राष्ट्रभक्ति का प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं है।
दूसरी तरफ, बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के इस कदम को इतिहास की बड़ी भूल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि 1930 के दशक में मुस्लिम लीग के दबाव में जो निर्णय लिया गया था, कांग्रेस आज भी उसी रास्ते पर चल रही है। बीजेपी का कहना है कि यह निर्णय देशप्रेम से समझौता और महज वोट बैंक साधने की कोशिश है।
संसदीय कानून और नए नियम पर बहस
उल्लेखनीय है कि हाल ही में पारित नए दिशानिर्देशों और संसदीय नियमों के तहत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की सभी पंक्तियों को एक समान सम्मान और प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। कानून में राष्ट्रगीत का अनादर करने पर सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
हालांकि, महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता नाना पटोले सहित अन्य पार्टी पदाधिकारियों ने साफ कर दिया है कि संगठन अपने शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों का ही पालन करेगा और अपनी परंपरा से पीछे नहीं हटेगा।