ड्रोन हमले से रूस में तबाही, यूक्रेन ने तेल डिपो और गोदाम को बनाया निशाना; 9 की मौत

 

यूक्रेन ने रूस के भीतर एक बड़ा हवाई हमला करते हुए उसके प्रमुख रसद (logistics) और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया है। इस हमले में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 60 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इन हमलों को रूस की सैन्य सप्लाई चेन तोड़ने के लिए बेहद रणनीतिक बताया है।

हमले की मुख्य बातें

वाइल्डबेरीज के दो बड़े गोदामों पर हमला: रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन के ड्रोंस ने रूस की दिग्गज ऑनलाइन रिटेलर कंपनी ‘वाइल्डबेरीज’ के दो विशाल गोदामों को निशाना बनाया। पहला हमला यूक्रेन सीमा से करीब 360 किमी दूर तांबोव क्षेत्र के कोतोव्स्क में हुआ, जहाँ नाइट शिफ्ट में काम कर रहे 7 कर्मचारियों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए। दूसरा हमला मॉस्को से 50 किलोमीटर दूर इलेक्ट्रोस्टाल शहर में स्थित गोदाम पर हुआ।

तेल डिपो में लगी भीषण आग: मॉस्को क्षेत्र के नोगिंस्क में स्थित एक बड़े तेल डिपो पर भी ड्रोन गिराए गए। हमले के बाद डिपो में इतनी भयंकर आग लगी कि प्रशासन को एहतियातन पास के एक अस्पताल और रिहायशी इमारतों को तुरंत खाली कराना पड़ा।

अन्य क्षेत्रों में भी नुकसान: मॉस्को क्षेत्र में हुए अलग-अलग हमलों में कुल 37 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, सीमावर्ती बेलगोरोद क्षेत्र में हुए एक अन्य ड्रोन हमले में 1 व्यक्ति की मौत और 1 के घायल होने की खबर है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की का बयान

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि निशाना बनाए गए गोदाम और ठिकाने रूस के लिए बेहद महत्वपूर्ण थे। यहाँ उन प्रतिबंधित कलपुर्जों की सप्लाई और स्टोरेज की जाती थी, जिनका इस्तेमाल रूस सैन्य ड्रोन और नेविगेशन सिस्टम बनाने के लिए करता है। जेलेंस्की ने रूस के कब्जे वाले अन्य क्षेत्रों और तेल ठिकानों पर भी सफल हमलों का दावा किया है।

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