जंतर-मंतर पर हुए एक हालिया विरोध-प्रदर्शन ने अब एक बड़े सियासी गतिरोध का रूप ले लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, छात्र साहिल लोचब को इंसाफ दिलाने के लिए दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनके साथ पार्टी के कई बड़े चेहरे भी इस विरोध में शामिल हैं।
क्या है पूरी घटना?
यह पूरा विवाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आंदोलन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है। पीड़ित साहिल का स्पष्ट आरोप है कि प्रदर्शन को रोकने के लिए पैलेट गन (छर्रे) का इस्तेमाल किया गया था, जिसकी चपेट में वह आ गया। घटना के बाद से ही साहिल कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है, लेकिन आरोप है कि दिल्ली पुलिस इस मामले में मुकदमा (FIR) लिखने से लगातार बच रही है।
कनॉट प्लेस से DCP दफ्तर तक
प्रशासन के इसी रवैये के खिलाफ राहुल गांधी ने खुद मोर्चा संभाला है। पुलिस की जवाबदेही तय करने के लिए वे सबसे पहले पीड़ित को लेकर कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन गए। जब वहां कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो वे सीधे पार्लियामेंट स्ट्रीट स्थित डीसीपी (DCP) दफ्तर पहुंच गए। राहुल गांधी ने वहां मौजूद आला अधिकारियों से दो टूक पूछा है कि इस घटना की अब तक की आधिकारिक जांच रिपोर्ट कहाँ है और शिकायत दर्ज करने में प्रशासन क्यों कतरा रहा है। फिलहाल, थाने के बाहर नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ है और पुलिस महकमे से स्पष्ट जवाब की मांग की जा रही है।