बिहार में चल रही सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। मुजफ्फरपुर पुलिस ने परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए अभ्यर्थियों को अवैध मदद पहुंचाने वाले एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की सतर्कता से इस संगठित नकल नेटवर्क का समय रहते भंडाफोड़ हो गया।
यह मामला 14 जून को आयोजित केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की लिखित परीक्षा से जुड़ा है। मुजफ्फरपुर के चैपमैन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी में तैनात अधिकारियों को एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद जब उसकी गहन तलाशी ली गई तो उसके पास से माइक्रोफोन, ब्लूटूथ आधारित संचार उपकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद हुए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन उपकरणों का इस्तेमाल परीक्षा के दौरान बाहरी लोगों से संपर्क कर उत्तर प्राप्त करने के लिए किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र अधीक्षक ने लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मिठनपुरा थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए नकल गिरोह से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने तत्काल एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। इस टीम में नगर पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर-1), जिला आसूचना इकाई (DIU) के अधिकारियों और मिठनपुरा थाना पुलिस को शामिल किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान पुलिस ने पटना और भोजपुर समेत कई स्थानों पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान उन लोगों को भी गिरफ्तार किया गया, जो परीक्षा केंद्र के बाहर बैठकर इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह था, जो भर्ती परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ी कराने की योजना बना रहा था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र निवासी पंकज कुमार यादव, मुफस्सिल थाना क्षेत्र निवासी प्रकाश कुमार, बाबूरा थाना क्षेत्र निवासी संजय कुमार सिंह उर्फ रंजन सिंह (वर्तमान में पटना के बिहटा क्षेत्र में रह रहा था) और बिहिया थाना क्षेत्र निवासी पवन कुमार शामिल हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।