संविदा कर्मचारियों पर एक्शन: परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए 50 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गईं।

 

नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षाओं की निष्पक्षता, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रशासनिक ढांचे में व्यापक फेरबदल शुरू कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, एजेंसी ने सख्त कदम उठाते हुए 50 से अधिक कर्मचारियों को हटा दिया है और व्यवस्था को आधुनिक व सुरक्षित बनाने के लिए नए विशेषज्ञों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर दी है।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब हाल ही में UGC-NET परीक्षा के तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में त्रुटियां सामने आने के बाद पुन: परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया था।

शिक्षा मंत्री ने की समीक्षा बैठक

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, NTA के निदेशक और अन्य उच्च अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री को NTA में चल रहे सुधारात्मक बदलावों से अवगत कराया गया।

तकनीकी व प्रबंधकीय पदों पर नए प्रोफेशनल्स

व्यवस्था को आधुनिक और सेंधमारी-मुक्त बनाने के लिए NTA ने 10 नए प्रमुख पदों के लिए विज्ञापन जारी किया है। इनमें शामिल हैं:

  • चीफ टेक्नॉलॉजी ऑफिसर (CTO)
  • चीफ फायनेंशियल ऑफिसर (CFO)
  • मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO)
  • जनरल मैनेजर (एग्जाम सिक्योरिटी)
  • जनरल मैनेजर (R&D और साइकोमेट्रिक्स)

इसके अलावा, प्रश्नपत्र निर्माण, साइबर सुरक्षा और डेटा एनालिसिस को मजबूत करने के लिए निजी क्षेत्र के विषय-विशेषज्ञों (Subject Specialists) की मदद ली जा रही है। हाल ही में 4 नए जनरल मैनेजर और 16 यंग प्रोफेशनल्स की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को गोपनीय संचालन (ConOps), अलग परीक्षा कक्षों, उपकरण जमा करने के कड़े नियमों और एयर-गैप्ड सिस्टम (बिना इंटरनेट वाले सुरक्षित कंप्यूटर तंत्र) को युद्धस्तर पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, NTA को अपनी पूरी परीक्षा प्रणाली का गहन ऑडिट कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।

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