बकरीद और उसके बाद आने वाले वीकेंड को देखते हुए नैनीताल में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है। हर साल आसपास के जिलों और बाहरी इलाकों से बड़ी संख्या में लोग दोपहिया वाहनों से घूमने के लिए नैनीताल पहुंचते हैं, जिससे शहर में लंबा जाम लग जाता है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने इस बार सख्ती बरतने का फैसला किया है। योजना के तहत बाइक और टैक्सी बाइक से आने वाले पर्यटकों को नैनीताल और कैंची धाम में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित रखा जा सके।
एसपी जगदीश चंद्र ने बताया कि ईद के बाद के दिनों में रामपुर, मुरादाबाद, ऊधमसिंह नगर समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पर्यटक बाइक से नैनीताल और कैंची धाम घूमने पहुंचते हैं। वीकेंड के दौरान वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि ट्रैफिक अधिक होने पर शहर के एंट्री प्वाइंट पर बड़े वाहनों को रोक दिया जाता है, लेकिन दोपहिया वाहनों की आवाजाही जारी रहने से जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। इसके अलावा तेज और अव्यवस्थित तरीके से चलने वाली बाइकों के कारण सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है।
एसपी के मुताबिक, नैनीताल शहर और कैंची धाम में दोपहिया वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन में अतिरिक्त परेशानी आती है।
एसपी ने जानकारी दी कि ईद के बाद आने वाले वीकेंड तक नैनीताल और कैंची धाम में दोपहिया वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। यह प्रतिबंध सिर्फ निजी बाइकों पर ही नहीं, बल्कि टैक्सी बाइक सेवाओं पर भी लागू किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।
जिले के बाहर से बाइक लेकर आने वाले पर्यटकों को काठगोदाम और कालाढूंगी में ही रोक दिया जाएगा। इसके बाद यात्रियों को नैनीताल और कैंची धाम तक पहुंचने के लिए शटल सेवा या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना होगा।