देहरादून: श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC)** ने अनुशासनहीनता के आरोपों के बीच अपने एक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। मंगलवार को गठित चार सदस्यीय जांच दल ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी और संबंधित दस्तावेजों व प्रक्रियाओं की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि **श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC)** उत्तराखंड सरकार के अधीन कार्य करने वाली एक वैधानिक संस्था है। यह समिति केवल बद्रीनाथ मंदिर का ही नहीं, बल्कि राज्य के **44 अन्य धार्मिक स्थलों**, कई धर्मशालाओं और शैक्षणिक संस्थानों के संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभालती है। ऐसे में समिति से जुड़े किसी भी मामले को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शुरुआती जांच के बाद कर्मचारी पर गिरी गाज
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC)** के अध्यक्ष **हेमंत द्विवेदी** ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कर्मचारी प्रमोद नौटियाल** को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। नौटियाल समिति में **प्राइवेट सेक्रेटरी** के पद पर कार्यरत थे। उनका कहना है कि शुरुआती जांच में कुछ ऐसी अनियमितताओं के संकेत मिले, जिनके चलते यह कार्रवाई आवश्यक समझी गई।
हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि मंदिर समिति भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में **जीरो-टॉलरेंस नीति** पर काम करती है। उन्होंने कहा कि यदि विस्तृत जांच में किसी भी कर्मचारी की संलिप्तता साबित होती है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानून के तहत भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कैसे सामने आया पूरा मामला?
यह विवाद उस समय सुर्खियों में आया, जब सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे की गणना के दौरान कथित गड़बड़ियों से जुड़े वीडियो और आरोप वायरल होने लगे। इन दावों के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी।
इसी क्रम में **’भैरव सेना’** नामक एक संगठन ने संबंधित अधिकारियों को शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। शिकायत मिलने के बाद मंदिर समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू की।
मामले की जांच के लिए पिछले सप्ताह चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया। इस समिति में **फाइनेंस कंट्रोलर हेम कांडपाल**, **लीगल ऑफिसर एस.एस. बर्तवाल**, **चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर राजन नैथानी** और **केदारनाथ के सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर डी.एस. भुजवान** को शामिल किया गया। समिति को आरोपों की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।