उत्तराखंड के मसूरी में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की जान चली गई। झड़ीपानी-कोलुखेत शॉर्टकट मार्ग पर एक कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और कार में सवार दो महिलाओं, एक युवक और एक पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही आईटीबीपी, एसडीआरएफ, पुलिस और फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह कार का ब्रेक फेल होना बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 9:16 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को 112 के माध्यम से दुर्घटना की सूचना मिली। बताया गया कि सफेद रंग की मारुति सिलेरियो कार झड़ीपानी रोड पर एक दुकान के पास रुकी थी। कार सवार लोगों ने खुद को उत्तरकाशी से आया हुआ बताया था। दुकान से सामान खरीदने के बाद जैसे ही वे वाहन में बैठे, कार अचानक तेज ढलान की ओर लुढ़कने लगी। चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार सड़क छोड़ते हुए नीचे गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बचाव दलों ने कड़ी मशक्कत के बाद खाई में उतरकर राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी कर ली है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि तीव्र ढलान वाले मार्ग पर कार के ब्रेक अचानक जवाब दे गए, जिसके चलते चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। इसके बाद कार सड़क से फिसलकर लगभग 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हालांकि, पुलिस अभी सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मसूरी के क्षेत्राधिकारी और देहरादून नगर के पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। पुलिस ने मृतकों और घायलों के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है, जिसके बाद उनके परिवार के सदस्य मसूरी के लिए रवाना हो गए।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते पर्यटक वाहनों के दबाव को देखते हुए सड़क सुरक्षा और वाहनों की तकनीकी जांच को और सख्ती से लागू करने की जरूरत है। उनका मानना है कि खतरनाक ढलानों और संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल क्षेत्र के लोग हादसे से स्तब्ध हैं और बचाव अभियान से जुड़ी हर अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं।