सऊदी अरब की राजधानी रियाद में धमाकों से मचा हड़कंप, हूतियों ने मिसाइल हमले का किया दावा

 

रियाद सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मंगलवार को एक के बाद एक कम से कम चार धमाकों की आवाज सुनाई देने से लोगों में चिंता बढ़ गई। ये धमाके ऐसे समय में हुए, जब सऊदी अरब के अधिकारियों ने राजधानी समेत देश के कई क्षेत्रों में संभावित हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब की हवाई सुरक्षा प्रणाली ने यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया। हालांकि, धमाकों की आवाज मिसाइलों या ड्रोन के गिरने से आई अथवा उन्हें हवा में नष्ट किए जाने के दौरान पैदा हुई, इसे लेकर तत्काल स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।

मिसाइलों के टुकड़े गिरने से संपत्ति को नुकसान

सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि मिसाइलों को रोकने के बाद उनके मलबे के कुछ हिस्से रियाद में गिरे। इसके कारण एक इमारत, निर्माण स्थल और एक वाहन को नुकसान पहुंचा। घटना के बाद संबंधित एजेंसियों ने प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रखी।

अधिकारियों ने केवल राजधानी ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी संभावित खतरे को देखते हुए सतर्कता बरती। अबहा, नजरान और खमीस मुशैत गवर्नरेट सहित कई क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की गई थी। हालांकि, बाद में इन अलर्ट को हटा लिया गया। शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई थी।

हूतियों ने हमले की जिम्मेदारी का किया दावा

इस घटनाक्रम के बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय और एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाकर हमले करने का दावा किया। हूती विद्रोही लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय हैं और उनके हमलों को लेकर सऊदी अरब पहले भी सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना कर चुका है।

हूतियों के दावे और सऊदी अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के बीच हमले के पूरे दायरे को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी था। ऐसे में हमले में इस्तेमाल किए गए हथियारों, संभावित लक्ष्यों और नुकसान का आकलन महत्वपूर्ण माना जा रहा था।

क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

रियाद में धमाकों और मिसाइलों को नष्ट किए जाने की घटना ने सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी। राजधानी और अन्य इलाकों में जारी किए गए अलर्ट से स्पष्ट हुआ कि अधिकारी संभावित हवाई खतरों को गंभीरता से ले रहे थे। हालांकि, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि के बिना हमले के प्रभाव और उसके व्यापक नतीजों पर कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

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