नई दिल्ली: भारत ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सभी 10 सदस्य देशों को आगामी ‘सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम’ यानी सभ्यता संवाद मंच में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। इस सूची में पाकिस्तान का नाम भी शामिल है। यह कार्यक्रम 20 से 22 नवंबर तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों, सभ्यतागत विरासत और आपसी समझ को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
मिली जानकारी के मुताबिक, भारत की ओर से पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत एवं संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। पाकिस्तान को आमंत्रित किए जाने की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बना हुआ है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस निमंत्रण को भारत और पाकिस्तान के आपसी संबंधों के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
बहुपक्षीय पहल के तहत सभी सदस्य देशों को बुलावा
अधिकारियों के अनुसार, सभ्यता संवाद मंच शंघाई सहयोग संगठन के सभी सदस्य देशों को एक साझा मंच पर लाने की पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न देशों की सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत और सभ्यतागत अनुभवों पर चर्चा करना है। इसके जरिए सदस्य देशों के बीच संवाद और सहयोग की संभावनाओं को भी मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को निमंत्रण भेजना इस बहुपक्षीय कार्यक्रम का हिस्सा है। इसे भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय रिश्तों में किसी बदलाव या नई पहल के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। भारत ने संगठन के सभी सदस्यों को आमंत्रित करके इस मंच के व्यापक और सामूहिक स्वरूप को प्राथमिकता दी है।
राजनाथ सिंह ने की थी मंच की घोषणा
इससे पहले 20 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घोषणा की थी कि भारत इस साल के अंत में पहली बार शंघाई सहयोग संगठन के सभ्यता संवाद मंच की मेजबानी करेगा। इस घोषणा के बाद नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू हुईं।
20 से 22 नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में सांस्कृतिक संवाद और साझा सभ्यतागत मूल्यों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किए जाने की योजना है। भारत की इस पहल का मकसद सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संपर्क को प्रोत्साहित करना और एक-दूसरे की परंपराओं के प्रति समझ विकसित करना है।
SCO एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसके सदस्य देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग करते हैं। ऐसे में सभ्यता संवाद मंच को सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से निमंत्रण स्वीकार किए जाने या कार्यक्रम में उसकी भागीदारी को लेकर अंतिम स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।