मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले का प्रमुख निशाना कुवैत एयरपोर्ट था, जिसके बाद खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की चर्चाओं के बीच हालात अचानक फिर तनावपूर्ण हो गए। ईरान ने कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। बैलिस्टिक मिसाइलों की लगातार लॉन्चिंग ने पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई होर्मुज के नजदीक हुए अमेरिकी हमले के जवाब में की गई।
खार्ग आईलैंड हमले के बाद ईरान का पलटवार
ईरान का आरोप है कि अमेरिकी नौसेना ने खार्ग आईलैंड के पास IRGC के कमांड सेंटर को निशाना बनाया था। इसके तुरंत बाद ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले तेज कर दिए। IRGC ने दावा किया है कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना की 5वीं फ्लीट को भी टारगेट किया।
अमेरिका का दावा- अधिकांश मिसाइलें रास्ते में रोकीं
अमेरिकी सेंटकॉम ने कहा है कि ईरान द्वारा दागी गई ज्यादातर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। वहीं, IRGC के वॉरटाइम मुख्यालय ख़तम-अल-अनबिया कमांड ने चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका और इजरायल माफी नहीं मांगते, तब तक जवाबी हमले जारी रहेंगे।
ध्यान देने वाली बात यह है कि 28 फरवरी से 8 अप्रैल के बीच अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जबरदस्त संघर्ष हुआ था, जिसका असर आज भी वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। 8 अप्रैल को सीजफायर लागू होने के बाद हालात शांत हुए थे, लेकिन ठीक 56 दिन बाद एक बार फिर मिसाइल हमलों ने तनाव को भड़का दिया।