केदारनाथ और यमुनोत्री में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन ने पंजीकरण प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया है। पंजीकरण बंद होने से मौके पर पहुंचे यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली और कई श्रद्धालुओं को बिना दर्शन के ही वापस लौटना पड़ा।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा इस समय अपने चरम पर है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में बनाए गए अस्थायी रजिस्ट्रेशन सेंटर पर भी दो दिनों से लगातार भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है।
चारधाम के प्रमुख धामों में भीड़ नियंत्रण के चलते सीमित संख्या में ही पंजीकरण किए जा रहे हैं, जिससे कई श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे रजिस्ट्रेशन सेंटर पर पंजीकरण प्रक्रिया अचानक रोक दी गई, जिसके बाद कई श्रद्धालुओं को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
निराश यात्रियों का कहना है कि वे रातभर कतार में खड़े रहे, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के पंजीकरण काउंटर बंद कर दिए गए। श्रद्धालुओं ने बताया कि पहले यहां 24 घंटे पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध थी।
अब यात्रियों ने मांग की है कि चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण व्यवस्था फिर से सुचारु रूप से शुरू की जाए, ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
राजस्थान के अजमेर से आईं बुजुर्ग महिला प्रेमा देवी ने बताया कि उनके साथ 27 लोगों का समूह आया है, लेकिन पिछले दो दिनों से लगातार लाइन में लगने के बावजूद पंजीकरण नहीं हो पाया।
छत्तीसगढ़ के भरातुराम साहू ने कहा कि वे सुबह 7 बजे से कतार में खड़े थे, लेकिन दोपहर 2 बजे अचानक रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि उनके साथ करीब 95 यात्री हैं और अब हरिद्वार में रुकने और आगे की यात्रा को लेकर काफी मुश्किलें हो रही हैं।
यात्रियों का कहना है कि भीषण गर्मी में लंबी कतारों में इंतजार करना बेहद कठिन हो रहा है, इसलिए प्रशासन को पंजीकरण प्रक्रिया सुचारु रूप से जारी रखनी चाहिए।
झारखंड से आए फुलेश्वर ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से हरिद्वार में भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे रात करीब 2 बजे से कतार में लगे थे, लेकिन दोपहर तक भी उनका पंजीकरण नहीं हो सका। इससे नाराज होकर यात्रियों ने हंगामा किया और मांग की कि जल्द से जल्द पंजीकरण शुरू किया जाए, ताकि वे अपनी यात्रा आगे बढ़ा सकें।
स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद अधिकारियों ने यात्रियों को समझाकर शांत कराया और उन्हें सुबह पंजीकरण कराने का आश्वासन दिया।
प्रशासन के अनुसार, केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दोपहर 2 बजे पंजीकरण प्रक्रिया रोक दी गई है। बताया गया है कि पंजीकरण सुबह फिर से शुरू किया जाएगा और श्रद्धालु निर्धारित लाइन में लगकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे।