जंगल में लगी आग की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्तिनगर विकास खंड की ग्राम पंचायत पैंडुला निवासी 50 वर्षीय अंजू देवी की जंगल की आग में फंसकर दर्दनाक मौत हो गई।
पूर्व प्रधान सुनय कुकसाल के अनुसार, महिला अपने घर से लगभग 150 मीटर दूर जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए गई थी, जो घर की ओर बढ़ रही थी। आग पर काबू पाने की कोशिश के दौरान वह गंभीर रूप से झुलस गई और वहीं उसकी मौत हो गई। जब वह देर रात तक घर वापस नहीं लौटी तो परिजनों को घटना की जानकारी मिली।
बदरीनाथ हाईवे के पास चीड़ के जंगल में लगी आग बुझाने गए एक फायर वॉचर की दर्दनाक मौत हो गई। बेड़ूबगढ़ बिरही क्षेत्र में बुधवार रात जंगल में आग की सूचना पर पहुंचे पाखी जलगवाड़ गांव निवासी 42 वर्षीय राजेंद्र सिंह नेगी पुत्र नंदन सिंह नेगी आग बुझाने के दौरान झुलसकर करीब 70 मीटर गहरी खाई में गिर गए।
गुरुवार सुबह तलाशी अभियान के दौरान उनका शव खाई में बरामद हुआ।
बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ सर्वेश दुबे ने जानकारी दी कि बुधवार दोपहर करीब 2 बजे चीड़ के जंगल के चट्टानी इलाके में आग भड़क उठी थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विभागीय अधिकारियों ने चमोली रेंज के फायर वॉचरों को तुरंत मौके पर भेजने के निर्देश दिए।
आग बुझाने के लिए गई 15 कर्मियों की टीम में राजेंद्र सिंह नेगी भी शामिल थे। शाम लगभग 7 बजे तक आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया, जिसके बाद सभी कर्मी बदरीनाथ हाईवे पर लौट आए, लेकिन राजेंद्र सिंह वहां नहीं पहुंचे।
उनके लापता होने की सूचना साथियों ने तुरंत अधिकारियों को दी, जिसके बाद मामले की जानकारी एसपी सुरजीत सिंह पंवार को भी भेजी गई।
एसपी के निर्देश पर एसडीआरएफ और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। रात करीब साढ़े दस बजे जंगल से राजेंद्र सिंह का मोबाइल फोन बरामद हुआ, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। अंधेरा ज्यादा होने के कारण रात में रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा।
अगली सुबह फिर से तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके दौरान राजेंद्र सिंह का शव लगभग 70 मीटर गहरी खाई में पड़ा मिला। बताया गया कि उनकी मौत पहले ही हो चुकी थी और शरीर आग से झुलसा हुआ था। डीएफओ के अनुसार, संभावना है कि आग बुझाने के दौरान वह चट्टान से फिसलकर नीचे गिर गए।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है।