भारतीय फिल्म उद्योग से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने अभिनेता Ranveer Singh के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उन पर बैन लगाने का फैसला किया है। यह पूरा विवाद फरहान अख्तर के निर्देशन में बन रही बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘डॉन 3’ से उनके अचानक बाहर होने के बाद शुरू हुआ।
सूत्रों के अनुसार, पिछले सप्ताह इस मुद्दे पर FWICE की एक अहम आंतरिक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद सोमवार को फेडरेशन ने मीडिया के सामने अपना आधिकारिक फैसला जारी किया।
FWICE ने इंडस्ट्री में असहयोग (non-cooperation) का निर्देश भी लागू किया है, जिसके तहत फिल्म जगत से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीशियनों और यूनिट सदस्यों को रणवीर सिंह के साथ किसी भी प्रकार का सहयोग न करने की सलाह दी गई है। इस फैसले के बाद बॉलीवुड में हलचल तेज हो गई है और आने वाले समय में इसके असर पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
खबरों के अनुसार, अभिनेता Ranveer Singh ने फिल्म ‘डॉन 3’ की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले इस प्रोजेक्ट से खुद को अलग कर लिया था। उनके इस फैसले के बाद फिल्म के मेकर्स और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई। यह फिल्म फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के प्रोडक्शन हाउस ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ के तहत बनाई जा रही है।
इस पूरे विवाद को लेकर FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे इंडस्ट्री के लिए एक गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट से शूटिंग शुरू होने से महज कुछ दिन पहले पीछे हटना गलत परंपरा को बढ़ावा देता है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अशोक पंडित ने आगे कहा कि फेडरेशन का यह फैसला फिल्म उद्योग के सामूहिक हितों की सुरक्षा के लिए लिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थितियों को रोका जा सके और काम करने की प्रक्रिया में स्थिरता बनी रहे।
अभिनेता Ranveer Singh के फिल्म ‘डॉन 3’ से अचानक हटने के बाद पूरे मामले ने इंडस्ट्री में बड़ा रूप ले लिया। इस घटनाक्रम के बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के शीर्ष नेतृत्व ने एक अहम आंतरिक बैठक की, जिसमें अध्यक्ष बीएन तिवारी, मुख्य सलाहकार अशोक पंडित, मानद महासचिव अशोक दुबे और कोषाध्यक्ष गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में स्थिति की गंभीरता पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसके बाद फेडरेशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने निर्णय की जानकारी सार्वजनिक की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला केवल फेडरेशन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पहले इसे ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ तक भी पहुंचाया गया था। वहां वरिष्ठ निर्माताओं ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कर समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन बातचीत के बावजूद कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आ सका।
उधर, ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ के निर्माताओं का कहना है कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन और शुरुआती तैयारियों में उन्होंने काफी बड़ी रकम निवेश की थी। ऐसे में रणवीर सिंह के अचानक प्रोजेक्ट छोड़ने से उन्हें आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच समाधान निकालने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन अब तक किसी भी तरह का अंतिम समझौता नहीं हो सका है, जिससे विवाद अभी भी बना हुआ है।