नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के चलते गुरुवार, 29 अक्टूबर को कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। दूसरी ओर, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
कई राज्यों में बारिश से बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बढ़ने और बारिश होने की संभावना है। उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर दिखाई दे सकता है। इसके अलावा ओडिशा और आंध्र प्रदेश में चक्रवात के प्रभाव से मौसम की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भी बारिश हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर के साथ पंजाब और हरियाणा में आंधी-तूफान की चेतावनी के मद्देनजर लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ा चक्रवात
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बुधवार को आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। इसके बाद इसकी तीव्रता में कमी आने लगी। हालांकि, कमजोर पड़ने के बावजूद इसके प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम संबंधी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 48 घंटों के दौरान तूफान के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही इसकी ताकत में और गिरावट आने का अनुमान लगाया गया है।
अगले कुछ घंटों में बदलेगा तूफान का स्वरूप
मौसम विभाग के अनुसार, अगले छह घंटों में चक्रवात कमजोर होकर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ सकता है। इसके बाद अगले छह घंटों के दौरान यह और कमजोर होकर ‘डीप डिप्रेशन’ यानी गहरे दबाव वाले क्षेत्र में बदल सकता है।
तूफान की तीव्रता घटने के बावजूद इससे जुड़े मौसमी प्रभाव बने रह सकते हैं। ऐसे में प्रभावित राज्यों के लोगों को मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। बारिश और तेज हवाओं की स्थिति में यात्रा करते समय भी विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।