रणवीर सिंह के फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ से बाहर होने के बाद से ही वह लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। ‘धुरंधर’ की रिलीज के बाद अचानक प्रोजेक्ट छोड़ने के फैसले ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी, जिसके बाद फरहान अख्तर ने इस मामले को लेकर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) से संपर्क किया।
शिकायत दर्ज होने के बाद मीडिया में यह खबरें सामने आईं कि FWICE ने रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया है, जिससे विवाद और बढ़ गया। हालांकि FWICE के मुख्य सलाहकार और फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने इन दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि रणवीर सिंह पर किसी तरह का बैन नहीं लगाया गया है, बल्कि उनके खिलाफ केवल अनुशासनात्मक प्रक्रिया चल रही है।
फरहान अख्तर ने 2 अप्रैल को इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन में रणवीर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे बाद में FWICE को भेजा गया। इसके बाद FWICE के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी और अशोक पंडित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि रणवीर सिंह को लेकर नोटिस जारी किया गया है और मामला प्रक्रियाधीन है।
फरहान अख्तर ने 2 अप्रैल को इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन में रणवीर सिंह के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। यह शिकायत बाद में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) तक पहुंची। इसके बाद सोमवार को FWICE के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी और मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रणवीर सिंह को लेकर नोटिस जारी करने की जानकारी दी।
हालांकि, इस पूरे मामले पर अशोक पंडित ने स्पष्ट किया कि रणवीर सिंह पर किसी तरह का बैन नहीं लगाया गया है। उन्होंने बताया कि संगठन ने केवल “नॉन-कोऑपरेशन” यानी असहयोग का निर्देश जारी किया है। अशोक पंडित ने कहा कि ‘डॉन 3’ से बाहर होने के बाद यह कदम उठाया गया, लेकिन इसे बैन के रूप में देखना गलत है।
उन्होंने ‘ईटाइम्स’ से बातचीत में कहा कि FWICE किसी भी कलाकार पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं रखता। उनके अनुसार, यह केवल एक अनुशासनात्मक प्रक्रिया है। इसका अर्थ यह है कि FWICE से जुड़े लगभग 30 विभागों के सदस्य रणवीर सिंह के साथ सहयोग नहीं करेंगे।
अशोक पंडित ने आगे स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार का दबाव या जबरन कार्रवाई नहीं है। उन्होंने कहा कि FWICE के सदस्य अपनी इच्छा से यह तय कर सकते हैं कि वे रणवीर सिंह के साथ काम करना चाहते हैं या नहीं। उनके मुताबिक, यह केवल एक ट्रेड यूनियन का नोटिस है, जिसमें कहा गया है कि जब तक पूरा मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक सहयोग को लेकर स्थिति स्पष्ट रहेगी।
अशोक पंडित ने यह भी कहा कि किसी कलाकार का अचानक प्रोजेक्ट छोड़ देना निर्माताओं के लिए भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सभी प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट जैसे वित्तीय रूप से मजबूत नहीं होते। फरहान अख्तर की ओर से पेश किए गए प्री-प्रोडक्शन खर्चों का ऑडिट भी किया गया था, जिसमें होटल बुकिंग और 200 से अधिक क्रू मेंबर्स की विदेश यात्रा जैसी लागत शामिल थी।