अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 से जुड़े विमान हादसे की जांच में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को अहम सुराग मिले हैं। एजेंसी ने बताया कि विमान की तकनीकी प्रणालियों, फ्लाइट रिकॉर्डर से प्राप्त डेटा, इंजन के प्रमुख हिस्सों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
शुक्रवार को जारी अपने अंतरिम बयान में AAIB ने कहा कि जांच टीम ने पिछले एक वर्ष के दौरान दुर्घटना से जुड़े सभी तकनीकी, परिचालन, संगठनात्मक और मानवीय पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया है। इस प्रक्रिया में विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों, तकनीकी सलाहकारों और मान्यता प्राप्त प्रतिनिधियों की सहायता भी ली गई।
ब्यूरो के अनुसार, विमान के मेंटेनेंस रिकॉर्ड, ऑपरेशनल दस्तावेज, तकनीकी उपकरणों और अन्य अहम साक्ष्यों की गहन समीक्षा की गई है। अब तक जुटाई गई जानकारी और परीक्षणों से प्राप्त निष्कर्षों का समग्र विश्लेषण जारी है, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
AAIB ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त तकनीकी परीक्षण और विशेषज्ञों की राय भी ली जाएगी, ताकि दुर्घटना से जुड़े निष्कर्ष पूरी तरह वैज्ञानिक तथ्यों और प्रमाणित साक्ष्यों पर आधारित हों। एजेंसी का कहना है कि जांच की प्रत्येक कड़ी को सावधानीपूर्वक परखा जा रहा है।
गौरतलब है कि एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। बोइंग 787-8 विमान से जुड़े इस भीषण हादसे में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों समेत कुल 260 लोगों की जान चली गई थी।
ब्यूरो ने दोहराया कि वह पूरी जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष, स्वतंत्र और साक्ष्य-आधारित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। AAIB के अनुसार, अंतिम रिपोर्ट सभी तकनीकी जांच, विश्लेषण और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के एनेक्स-13 के तहत निर्धारित समीक्षा एवं परामर्श प्रक्रिया पूरी होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी।
साथ ही एजेंसी ने हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और अन्य पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के दर्द और क्षति को समझती है।
AAIB ने कहा है कि AI-171 विमान हादसे की जांच विमान दुर्घटना एवं घटना जांच नियम, 2017 तथा ICAO के एनेक्स-13 में निर्धारित अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप की जा रही है। एजेंसी ने याद दिलाया कि इस दुर्घटना से जुड़ी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट 12 जुलाई 2025 को जारी की गई थी।
ब्यूरो ने स्पष्ट किया कि विमान दुर्घटना जांच का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी तय करना नहीं है। ऐसी जांचों का मकसद दुर्घटना के कारणों को समझना, सुरक्षा संबंधी खामियों की पहचान करना और भविष्य में इसी तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी उपाय सुझाना होता है।
AAIB ने मीडिया संस्थानों और आम जनता से अपील की है कि अंतिम रिपोर्ट आने से पहले अटकलों और अपुष्ट दावों से बचें। एजेंसी के अनुसार, जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों तथा साक्ष्यों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया जा रहा है।
ब्यूरो ने भरोसा जताया कि विस्तृत जांच के आधार पर तैयार की जाने वाली अंतिम रिपोर्ट और सुरक्षा सिफारिशें न केवल इस हादसे के कारणों को स्पष्ट करेंगी, बल्कि देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।