दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने अग्निवीरों को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। इस फैसले के तहत अग्निवीर योजना में शामिल जवानों के सेवा कार्यकाल को लेकर अहम बदलाव किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि अब अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि को बढ़ाकर छह साल किया जाएगा। इसके साथ ही 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में सेना में शामिल किए जाने का रास्ता तैयार किया गया है। इस घोषणा के बाद अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले युवाओं के बीच नई उम्मीद जगी है।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अग्निवीरों के भविष्य और उनकी सेवाओं को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उनके मुताबिक, अग्निवीरों को भारतीय रक्षा बलों में आगे भी अपनी सेवाएं जारी रखने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह फैसला लिया गया है।
अग्निवीरों के सेवा कार्यकाल में दो साल की बढ़ोतरी
अब तक अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं की सेवा अवधि चार साल निर्धारित थी। नई घोषणा के मुताबिक, इस अवधि को बढ़ाकर छह साल करने की बात कही गई है। यानी अग्निवीरों को पहले के मुकाबले दो साल अधिक समय तक सेना में सेवा देने का अवसर मिलेगा। इस बदलाव को अग्निवीरों के करियर और सैन्य अनुभव के लिहाज से अहम माना जा रहा है
बताया गया है कि 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक के तौर पर सेना में समायोजित करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, इस संबंध में चयन की प्रक्रिया और अन्य नियमों का विस्तृत विवरण सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
CDS ने अग्निवीरों के प्रदर्शन को लेकर क्या कहा?
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस फैसले को भारतीय रक्षा बलों और अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अग्निवीरों के लिए ऐसा रास्ता तैयार किया है, जिसके जरिए उन्हें भारतीय रक्षा बलों में आगे भी शामिल रहने का अवसर मिल सकेगा।
उन्होंने अग्निपथ योजना की शुरुआत का जिक्र करते हुए बताया कि 14 जून 2022 को इस योजना को लागू किया गया था। उस समय ही यह तय किया गया था कि अग्निवीरों के कामकाज और प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही, समय-समय पर योजना की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि जरूरत के मुताबिक इसमें सुधार किया जा सके।
जनरल सुब्रमणि के अनुसार, अग्निपथ योजना के पहले बैच के अग्निवीरों के चार साल पूरे होने जा रहे हैं। इस दौरान उनके प्रदर्शन का आकलन किया गया और उससे काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने बताया कि जवानों ने अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में अच्छा प्रदर्शन किया है।
क्या है अग्निपथ योजना?
केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत युवाओं को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीर के रूप में चार साल के लिए भर्ती किया जाता है। योजना के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, सेवा पूरी होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है, जबकि बाकी जवानों को सेवा से मुक्त किया जाता है।
ऐसे में सेवा अवधि और नियमित नियुक्ति से जुड़े नए बदलावों की खबर ने इस योजना को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश और विस्तृत दिशा-निर्देशों के आधार पर ही इन बदलावों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।