राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक रेलवे ट्रैक पर हुए जोरदार धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेल मार्ग पर गांव 50 जीबी के पास देर रात करीब 10 बजे विस्फोट हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रेलवे ट्रैक के दो सीमेंट पिलर क्षतिग्रस्त हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। खास बात यह है कि घटनास्थल अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, धमाके के बाद रेलवे ट्रैक को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस (ATS), एफएसएल (FSL), डॉग स्क्वायड और रेलवे अधिकारियों को जांच में लगाया गया है। जांच टीमें घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि विस्फोट किस तरह किया गया और इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है।
ISI और आतंकी नेटवर्क की भूमिका की आशंका
सीमावर्ती क्षेत्र में रेलवे ट्रैक को निशाना बनाए जाने की घटना के बाद जांच एजेंसियां इसे केवल सामान्य विस्फोट मानकर नहीं चल रही हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और उससे जुड़े संभावित आतंकी नेटवर्क की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया है। एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि कहीं रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के पीछे कोई सुनियोजित साजिश तो नहीं थी।
इसके साथ ही जांच का एक पहलू आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क से संभावित कनेक्शन को लेकर भी है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई ठोस प्रमाण या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। सुरक्षा एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही हैं।
धमाके के बाद रद्द की गईं सभी ट्रेनें
रेलवे ट्रैक पर विस्फोट की सूचना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अनूपगढ़-सूरतगढ़ रूट पर चलने वाली सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। रेलवे की टीमें ट्रैक का निरीक्षण कर रही हैं, ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके और सुरक्षा संबंधी जरूरी कदम उठाए जा सकें। जांच पूरी होने और ट्रैक को सुरक्षित घोषित किए जाने तक रेल परिचालन प्रभावित रहने की संभावना है।
अनूपगढ़ में पहले भी सामने आया था RDX का मामला
इस घटना के बीच अनूपगढ़ क्षेत्र में हाल ही में सामने आए विस्फोटक बरामदगी के मामले की भी चर्चा हो रही है। कुछ समय पहले यहां पाकिस्तान से आरडीएक्स मंगवाए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा बीते दिनों करीब साढ़े सात किलो आरडीएक्स बरामद किए जाने का मामला भी सामने आया था।
हालांकि, फिलहाल बरामद किए गए आरडीएक्स और रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट के बीच किसी तरह का सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस संभावना समेत तमाम पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सीमावर्ती इलाके में रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने के पीछे कौन लोग हैं और क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। जांच पूरी होने के बाद ही धमाके की असली वजह और इसके पीछे शामिल लोगों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।