उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। राहुल गांधी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने शुद्धिकरण से जुड़ी घटना को कथित तौर पर जातिगत मुद्दे का रूप देने और इससे सामाजिक माहौल प्रभावित करने की कोशिश की।
श्रीराम सेना की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में शिकायत श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से दी गई थी। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने मामले में FIR दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद उत्तराखंड की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।
SC-ST एक्ट समेत इन धाराओं में केस
पुलिस के मुताबिक, दर्ज मुकदमे में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अधिनियम की धाराएं भी शामिल की गई हैं। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
धारा 196 सार्वजनिक सद्भाव को प्रभावित करने वाले कृत्यों से संबंधित है, जबकि धारा 299 धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से जुड़े मामलों में लगाई जा सकती है। हालांकि, इन धाराओं के तहत आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जाएगी।
शुद्धिकरण को जातिगत मुद्दा बनाने का आरोप
शिकायतकर्ता पक्ष ने आरोप लगाया है कि शुद्धिकरण की घटना को जातिगत विवाद के तौर पर पेश करने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि इस तरह की बयानबाजी से समाज में तनाव और आपसी सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
इसी आधार पर श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर अब पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सियासत हुई तेज
राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद ‘शुद्धिकरण’ का मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। एक ओर शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे सामाजिक सौहार्द से जुड़ा मामला बताया है, वहीं दूसरी ओर इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और FIR में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।