मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक नक्शा साझा करते हुए रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक—’होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को ‘अमेरिका का नया इलाका’ घोषित कर दिया है।
इस नक्शे के साथ ट्रंप ने कोई अतिरिक्त टिप्पणी तो नहीं की, लेकिन हाल ही में उन्होंने संकेत दिया था कि वह बहुत जल्द इस जलमार्ग पर अमेरिकी दावे का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं।
ईरान का पलटवार: 14-सूत्रीय समझौते की शर्तें पूरी होने तक आवाजाही बंद
ट्रंप के इस कदम के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष (स्पीकर) मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिका के साथ हुए 14-सूत्रीय सहमति पत्र (MoU) की सभी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही पर रोक बरकरार रहेगी।
ईरान ने जलमार्ग खोलने के लिए अमेरिका के सामने निम्नलिखित प्रमुख शर्तें रखी हैं:
आर्थिक प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान पर लगे तेल और अन्य व्यापारिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाया जाए।
फ्रीज संपत्ति की बहाली: विदेश में रोकी गई ईरानी संपत्तियों को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
सैन्य नाकेबंदी का खात्मा: अमेरिका द्वारा क्षेत्र में सैन्य अभियानों, धमकियों और नाकेबंदी को तुरंत प्रभाव से समाप्त किया जाए।
‘दुश्मन की आक्रामकता का देंगे मुंहतोड़ जवाब’
संसदीय अध्यक्ष गालिबाफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान किसी भी सैन्य दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि कूटनीतिक वार्ताओं और युद्धविराम के अवसरों का उपयोग ईरान ने अपनी अर्थव्यवस्था और सैन्य रक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत करने में किया है।
विश्व भर की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस समुद्री रास्ते पर अमेरिका और ईरान के बीच गहराते इस गतिरोध ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल संकट और नए सैन्य टकराव की आशंकाओं को बढ़ा दिया है।