नई दिल्ली — भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर एक बार फिर तनाव के बादल मंडराने लगे हैं। अरुणाचल प्रदेश से सटी सीमा पर करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद दोनों देशों के सैनिकों के बीच फेस-ऑफ (आमने-सामने आने) की खबर सामने आई है। इस घटनाक्रम से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, हालांकि भारतीय सेना ने इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है।
26 जुलाई की बताई जा रही है तस्वीर, एक हफ्ते तक बना रहा तनाव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 26 जुलाई की बताई जा रही है, जब एलएसी पर गश्त (Patrolling) के दौरान भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने आ गए थे। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से ‘बैनर ड्रिल’ की गई। सामने आई तस्वीरों में चीनी सैनिकों के हाथों में चीनी और अंग्रेजी भाषा में लिखे बैनर देखे जा सकते हैं।
बताया जा रहा है कि सीमा पर यह गतिरोध करीब एक हफ्ते तक कायम रहा। बाद में दोनों सेनाओं के शीर्ष कमांडरों के हस्तक्षेप और बातचीत के बाद इस फेस-ऑफ को समाप्त कराया गया। यह तनाव ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में चीन ने अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों के चीनी नाम तय कर नया विवादित नक्शा जारी किया था।
विदेश मंत्रालय का सख्त रुख: “अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग”
मंगलवार (11 अगस्त) को आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधों की बुनियाद सीमा पर शांति और स्थिरता पर टिकी है। मंत्रालय ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अखंड और अविभाज्य अंग है और रहेगा।
गलवान हिंसा के बाद रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिशों को झटका?
उल्लेखनीय है कि साल 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्तों में अभूतपूर्व खटास आ गई थी। चार साल से अधिक चले सैन्य तनाव के बाद, संबंधों को सामान्य बनाने के लिए हाल के दिनों में कई कूटनीतिक प्रयास किए गए थे।
अक्टूबर 2024 में दोनों देशों ने पूर्वी लद्दाख के अंतिम दो विवादित बिंदुओं—देपसांग और डेमचोक—से अपनी-अपनी सेनाएं पीछे हटाने के समझौते पर सहमति जताई थी। इसके बाद रूस के कजान शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई थी। ऐसे में अरुणाचल सीमा पर हुआ यह ताजा गतिरोध दोनों देशों के बीच कायम हो रही शांति के लिए एक नई चुनौती बनकर उभरा है।