नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG के पैटर्न में बड़े बदलाव हो सकते हैं। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में बताया है कि परीक्षा को मौजूदा पेन-पेपर मोड की जगह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) में कराने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही JEE की तरह इसे दो चरणों- मेन और एडवांस्ड में कराने का विकल्प भी देखा जा रहा है।
सरकार ने यह जानकारी NEET-UG पेपर लीक मामले से जुड़ी याचिकाओं के जवाब में दी है। हलफनामे में कहा गया है कि NTA की 8 बड़ी परीक्षाओं में से 7 पहले से ही ऑनलाइन कराई जा रही हैं। ऐसे में NEET-UG को भी कंप्यूटर पर कराने की संभावना पर चर्चा चल रही है।
अभी कोई अंतिम फैसला नहीं
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि NEET-UG के नए पैटर्न को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। सरकार का कहना है कि अगर परीक्षा दो चरणों में होती है, तो इससे परीक्षा ज्यादा सुरक्षित होगी और छात्रों की योग्यता का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
टास्क फोर्स की रिपोर्ट के बाद होगा फैसला
सरकार ने बताया कि परीक्षा में सुधार के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक **नंदन नीलेकणी** की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स बनाई गई है। इस समिति की सिफारिश मिलने के बाद ही NEET-UG के नए पैटर्न पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
छात्रों को पहले ही दी जाएगी जानकारी
हलफनामे में कहा गया है कि अगर परीक्षा प्रणाली में कोई बदलाव किया जाता है, तो उसे अचानक लागू नहीं किया जाएगा। छात्रों को पहले से पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि उन्हें नए पैटर्न के अनुसार तैयारी करने का पर्याप्त समय मिल सके।
परीक्षा सुरक्षा पर भी जोर
सरकार ने बताया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कई नए सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। इनमें बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन GPS से ट्रैक होने वाले सुरक्षित ट्रंक और एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्रश्न बैंक जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
सरकार ने यह भी कहा कि NEET-UG के नए परीक्षा पैटर्न पर फैसला लेने से पहले स्वास्थ्य मंत्रालय, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और अन्य संबंधित पक्षों से भी चर्चा की जाएगी।