भारत ने जिम्बाब्वे को तीन मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया। सीरीज के आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 35 रनों से हराया। इस जीत के साथ ही श्रेयस अय्यर ने बतौर कप्तान अपनी पहली टी20 सीरीज जीत दर्ज की।
इससे पहले श्रेयस अय्यर आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम की कप्तानी कर चुके हैं। हालांकि, दोनों सीरीज में टीम इंडिया को क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था। ऐसे में जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज जीत श्रेयस अय्यर के लिए खास रही। जीत के बाद भारतीय कप्तान काफी उत्साहित नजर आए और उन्होंने इस उपलब्धि को यादगार बताया।
‘जिम्बाब्वे में सीरीज जीतना खास एहसास’
मैच के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में श्रेयस अय्यर से पूछा गया कि इस सीरीज से उन्हें क्या सीखने को मिला। इस पर उन्होंने युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की।
भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम के युवा खिलाड़ियों ने पूरे दौरे पर बेखौफ अंदाज में क्रिकेट खेला और मैदान पर शानदार ऊर्जा दिखाई। उन्होंने कहा कि लगातार मैच खेलने के बावजूद युवा खिलाड़ियों ने अपने इरादे और उत्साह में कोई कमी नहीं आने दी।
श्रेयस अय्यर के मुताबिक, कप्तान और टीम के तौर पर उन्हें इसी तरह की ऊर्जा और सकारात्मक रवैये की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों ने लगातार मुकाबलों में जिस तरह का प्रदर्शन किया, वह काबिल-ए-तारीफ है।
कप्तान ने आगे कहा कि जिम्बाब्वे में 3-0 से सीरीज जीतना उनके लिए बेहद खास पल है। उन्होंने इस जीत पर खुशी जाहिर करते हुए इसे अपने कप्तानी करियर की एक यादगार उपलब्धि बताया।
युवा खिलाड़ियों को लेकर क्या बोले श्रेयस अय्यर?
जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर के युवा क्रिकेटर्स पहले से ही काफी अनुभवी और प्रतिभाशाली हैं। आईपीएल जैसे बड़े मंच पर खेलने की वजह से उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों का सामना करने का भी अच्छा अनुभव मिल चुका है।
अय्यर ने कहा कि कप्तान होने के नाते उनकी जिम्मेदारी खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डालना नहीं, बल्कि उन्हें मैदान पर सहज और तनावमुक्त माहौल देना है। उनका मानना है कि जब खिलाड़ी बिना किसी दबाव के खुलकर खेलते हैं, तो वे अपनी क्षमता के मुताबिक बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकते हैं।
भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि अगर मैचों के अनुभव की बात करें तो उन्होंने और टीम के कई युवा खिलाड़ियों ने लगभग समान संख्या में मुकाबले खेले हैं। ऐसे में वह खुद को युवा खिलाड़ियों से बहुत अलग नहीं मानते और सभी के बीच एक टीम के रूप में आगे बढ़ने पर जोर देते हैं।
तय किए गए प्रदर्शन के स्तर को बनाए रखना जरूरी
श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन को लेकर भी अपनी सोच साझा की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को केवल मैच के नतीजे पर ध्यान देने के बजाय अपने प्रदर्शन के स्तर को लगातार बेहतर करने पर फोकस करना चाहिए।
भारतीय कप्तान के मुताबिक, टीम ने पहले मुकाबले से ही अपने प्रदर्शन का एक मानक तय किया है और अब लक्ष्य हर मैच में उस स्तर से बेहतर प्रदर्शन करने का होना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, उन्हें अपनी पूरी क्षमता के साथ मैदान पर उतरना चाहिए।
अय्यर ने कहा कि टीम का हर खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए पूरी ताकत और आत्मविश्वास के साथ खेले। उनका मानना है कि इसी सोच और निरंतर सुधार के जरिए टीम भविष्य में बड़ी सफलताएं हासिल कर सकती है।