बेंगलुरु:कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में NEET पेपर लीक के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान विवादित पोस्टर दिखाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में कथित तौर पर भड़काऊ संदेश वाले पोस्टर लहराए और नारे लगाए। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान ऐसे पोस्टर और नारे लगाए गए, जिनसे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका थी। यह विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित किया गया था।
1,000 से 1,500 लोगों ने लिया हिस्सा
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, कर्नाटक विद्यार्थी संगठन (KVS) ने 24 जुलाई को NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन का आयोजन किया था। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की निंदा की और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
पुलिस के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन में करीब 1,000 से 1,500 लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में पोस्टर लगाने का आरोप
सब-इंस्पेक्टर सुलोचना की शिकायत के अनुसार, शाम करीब 5 बजे से 5:30 बजे के बीच एक महिला ने कथित तौर पर कुछ नारे लगाए और ऐसे पोस्टर दिखाए, जिनमें उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में संदेश लिखे थे।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक पोस्टर पर पुलिस के खिलाफ आपत्तिजनक नारा लिखा हुआ था। पुलिस का दावा है कि इन पोस्टरों और नारों के जरिए सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश की गई।
CCTV फुटेज से महिला की पहचान
पुलिस के मुताबिक, जब अधिकारी भीड़ के बीच पहुंचे तो कुछ लोगों ने कथित तौर पर पोस्टर छिपा लिए। इसके चलते पुलिस मौके पर पोस्टर जब्त नहीं कर सकी। इसके बाद जांच टीम ने घटनास्थल पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों द्वारा बनाए गए वीडियो की जांच की।
जांच के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर पोस्टर दिखाने वाली महिला की पहचान कर ली। इसके बाद उप्पारपेट पुलिस थाने में शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।