मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करने और बिना अनुमति आंदोलन करने के आरोप में शहर के विभिन्न पुलिस थानों में कुल 8 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में पुलिस ने 900 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया है।
पुलिस के अनुसार, मुंबई में CJP के आंदोलन को लेकर सबसे बड़ी कार्रवाई शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में की गई है। यहां अकेले 600 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इसके अलावा शहर के कई अन्य पुलिस स्टेशनों में भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
किस पुलिस स्टेशन में कितने मामले?
शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन: 600 से अधिक
माहिम पुलिस स्टेशन:100 से अधिक
दादर पुलिस स्टेशन: 70 से अधिक
सायन पुलिस स्टेशन:40 से अधिक
वडाला टीटी पुलिस स्टेशन: 25 से अधिक
वर्ली पुलिस स्टेशन: 21
कालाचौकी पुलिस स्टेशन: 20 से अधिक
भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन:20 से अधिक
दिल्ली में भी हुआ था CJP का प्रदर्शन
गौरतलब है कि NEET-UG पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जुलाई को दिल्ली में भी बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया गया था। मानसून सत्र के पहले दिन हजारों छात्र और युवा जंतर-मंतर पर जुटे थे। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई।
प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस बैरिकेड्स पार करने की कोशिश के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज भी किया। इस दौरान 60 प्रदर्शनकारियों के साथ 6 IPS अधिकारियों समेत कुल 118 पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई।
स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सांसद डिंपल यादव और कुछ छात्र नेताओं को हिरासत में लिया। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। इसके अलावा पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय समेत कुछ प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया।
इसी बीच, जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताया। बाद में CJP के प्रतिनिधिमंडल में शामिल सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं।
CJP कार्यकर्ताओं ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक जंतर-मंतर पर उनका आंदोलन जारी रहेगा।