मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में 5 मरीजों की मौत, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जताया दुख

 

बिहार के मुजफ्फरपुर में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जिले के प्रमुख निजी अस्पतालों में गिने जाने वाले प्रसाद हॉस्पिटल के ICU वॉर्ड में अचानक आग लगने से कम से कम 5 मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीज घायल बताए जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 3 बजे हुआ, जब ICU में 13 से 15 गंभीर मरीज भर्ती थे। इनमें से अधिकांश मरीजों की हालत ऐसी थी कि वे अपने दम पर बाहर निकलने में सक्षम नहीं थे। आग लगने के बाद ICU धुएं से भर गया, जिससे मरीजों को सांस लेने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। शुरुआती जानकारी के अनुसार, धुआं और ऑक्सीजन की कमी कई मरीजों की मौत की वजह बनी।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है।

वहीं, इस बड़े हादसे को लेकर जब बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की। स्वास्थ्य मंत्री की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड को लेकर बिहार के नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की चुप्पी चर्चा का विषय बन गई है। घटना पर प्रतिक्रिया लेने के लिए पत्रकारों ने उनसे कई सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वहीं, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने भी इस मामले पर टिप्पणी करने से परहेज किया। मीडिया के लगातार सवालों के बावजूद दोनों नेताओं ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

स्वास्थ्य मंत्री की इस चुप्पी पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सरकार को घेरा है। पार्टी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सरकार में बैठे मंत्री और सांसद संवेदनहीनता की हद पार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि जब जनता गंभीर हादसों पर जवाब चाहती है, तब सरकार के जिम्मेदार लोग सवालों से बचते नजर आते हैं।

हालांकि, जेडीयू ने स्वास्थ्य मंत्री का बचाव किया है। पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि घटना तड़के करीब 3 बजे हुई थी और उसी सुबह मंत्री यात्रा पर जा रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि स्वास्थ्य मंत्री को हादसे की जानकारी नहीं थी। नीरज कुमार के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग शुरुआत से ही सक्रिय है और राहत व जांच की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को बयानों से ज्यादा सरकार द्वारा किए जा रहे एक्शन पर ध्यान देना चाहिए।

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