भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी न्यूजीलैंड दौरे का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। दौरे की शुरुआत पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज से होगी, जिसके बाद दोनों टीमें पांच वनडे मुकाबलों में आमने-सामने होंगी। दौरे का समापन दो टेस्ट मैचों की सीरीज के साथ होगा। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने पूरे दौरे का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है।
इस दौरे की सबसे खास बात यह है कि भारतीय टीम लगभग सात साल बाद किसी विदेशी सरजमीं पर पांच मैचों की वनडे सीरीज खेलती नजर आएगी। माना जा रहा है कि यह सीरीज अगले साल होने वाले आईसीसी वनडे विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम साबित होगी।
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टीम ज्यादातर दो या तीन मैचों की ही द्विपक्षीय वनडे सीरीज खेलती रही है। लगातार पांच वनडे मुकाबले खेलने का मौका टीम को शायद ही मिला हो। अब न्यूजीलैंड दौरे पर भारत एक बार फिर पांच मैचों की वनडे सीरीज में हिस्सा लेगा। दिलचस्प बात यह है कि आखिरी बार भी भारत ने 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ही पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली थी। उस समय टीम की कमान विराट कोहली के हाथों में थी और भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी।
रोहित शर्मा और मोहम्मद शमी रहे थे जीत के हीरो
2019 की उस यादगार सीरीज में रोहित शर्मा ने बल्ले से अहम योगदान दिया था और 200 से अधिक रन बनाकर टीम की सफलता में बड़ी भूमिका निभाई थी। वहीं तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का पुरस्कार जीता था।
मौजूदा दौर में टी20 लीग्स के बढ़ते प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की व्यस्तता के कारण लंबी द्विपक्षीय वनडे सीरीज कम ही देखने को मिलती हैं। यही वजह है कि अब अधिकांश वनडे सीरीज तीन मैचों तक सीमित रह गई हैं। ऐसे में भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र होगी।
यह सीरीज इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि अगले साल अक्टूबर से नवंबर के बीच साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आईसीसी वनडे विश्व कप का आयोजन होना है। ऐसे में यह दौरा टीम इंडिया के लिए अपनी तैयारियों को परखने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। इस दौरान टीम को अपनी मजबूतियों और कमजोरियों को समझने और उनमें सुधार करने का मौका मिलेगा।
साथ ही खिलाड़ियों के पास भी यह सुनहरा अवसर रहेगा कि वे अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित करें और टीम में अपनी जगह मजबूत करें। उम्मीद की जा रही है कि तब तक विराट कोहली और रोहित शर्मा वनडे प्रारूप में भारत के लिए उपलब्ध रहेंगे। अगर ऐसा होता है, तो पूरी नजरें एक बार फिर इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी होंगी।