पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी घटना सामने आई है। बुधवार को प्रतिद्वंद्वी सशस्त्र समूहों के बीच हुई हिंसक झड़प में कम से कम 14 आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इस घटना में कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, अफगानिस्तान सीमा से सटे मध्य कुर्रम जिले के मनातो कामरान क्षेत्र में स्वयंभू आतंकी कमांडरों काजिम और मुमताज इम्ती के गुटों के बीच यह संघर्ष हुआ। इस दौरान हुई गोलीबारी में मुमताज इम्ती की भी मौत हो गई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मारे गए आतंकियों के शवों को उसी क्षेत्र में दफना दिया। बताया जा रहा है कि मध्य कुर्रम में कई आतंकी समूहों की मौजूदगी के चलते यहां समय-समय पर सुरक्षा अभियान चलाए जाते रहे हैं।
झड़प के बाद स्थानीय लोगों ने मारे गए आतंकियों के शवों को उसी इलाके में दफना दिया। बताया जा रहा है कि मध्य कुर्रम क्षेत्र में आतंकवादी गुटों की मौजूदगी को लेकर पहले भी कई बार सुरक्षा अभियान चलाए जा चुके हैं।
इसी बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने मंगलवार को क्वेटा छावनी का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने अशांत बलूचिस्तान में तैनात सैन्य टुकड़ियों के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की और स्थिति की समीक्षा की।
पाकिस्तानी सेना के बयान के अनुसार, अपने दौरे के दौरान मुनीर ने क्वेटा स्थित कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में छात्र अधिकारियों और फैकल्टी सदस्यों को भी संबोधित किया।
मुनीर ने इस दौरान बलूचिस्तान में तैनात सैनिकों और अधिकारियों से बातचीत की और मौजूदा सुरक्षा हालात पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि पाकिस्तानी सशस्त्र बल देश में हर प्रकार के आतंकवाद के खात्मे के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
गौरतलब है कि पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत लंबे समय से अशांत माना जाता है। यह क्षेत्र अफगानिस्तान की सीमा से सटा हुआ है और दुर्गम पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां आतंकवादी गतिविधियों की आवाजाही पहले से आसान रही है। अफगानिस्तान में लंबे समय से चले आ रहे संघर्षों का असर भी इस क्षेत्र पर पड़ा है, जिससे समय-समय पर कई स्थानीय और स्वयंभू आतंकी समूह सक्रिय होते रहे हैं।