देशभर में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने दिल्ली समेत छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR का कार्यक्रम संशोधित करते हुए इसकी समयसीमा बढ़ा दी है। इस फैसले के बाद संबंधित राज्यों में मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए पहले के मुकाबले अधिक समय मिलेगा। चुनाव आयोग ने यह बदलाव संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की मांग पर किया है।
दरअसल, चुनाव आयोग की ओर से देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण कराया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में पारदर्शिता बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। साथ ही, ऐसे लोगों के नाम सूची से हटाए जा सकें, जो निर्धारित पात्रता पूरी नहीं करते हैं।
हालांकि, SIR की प्रक्रिया को लेकर कई विपक्षी राजनीतिक दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, चुनाव आयोग का तर्क है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट रखने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है।
किन 6 राज्यों में बढ़ाई गई SIR की समयसीमा?
चुनाव आयोग की ओर से जारी नए कार्यक्रम के मुताबिक, महाराष्ट्र, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना और नागालैंड में SIR की समयसीमा में बदलाव किया गया है। इन राज्यों में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख भी आगे बढ़ा दी गई है।
आयोग के अनुसार, महाराष्ट्र, हरियाणा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और नागालैंड में अब अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। वहीं, दिल्ली में फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने की नई तारीख 12 दिसंबर तय की गई है। ऐसे में इन राज्यों के मतदाताओं को पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
महाराष्ट्र में कब जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट?
महाराष्ट्र में भी चुनाव आयोग ने SIR के कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यहां मतदाता सूची को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख पहले 26 अक्टूबर निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 13 नवंबर कर दिया गया है।
इसके अलावा, नोटिस जारी करने और प्राप्त दावों एवं आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया के लिए भी नई समयसीमा तय की गई है। आयोग के मुताबिक, यह काम अब 25 नवंबर तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को प्रकाशित होगी।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में इससे पहले 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी। उस समय दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए 10 नवंबर तक का कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। अब चुनाव आयोग ने संशोधित तारीखों के जरिए पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है।
इससे पहले भी आयोग SIR के कार्यक्रम में बदलाव कर चुका है। ताजा फैसले का उद्देश्य राज्यों में पुनरीक्षण की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करना और पात्र मतदाताओं को अपनी जानकारी में सुधार कराने का पर्याप्त अवसर देना है।