उत्तर प्रदेश में वायरल फीवर और स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है। डिप्टी सीएम ब्रिजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। छोटे अस्पतालों को भी मरीजों की जांच और उपचार को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
ब्रिजेश पाठक के मुताबिक, बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को गंभीरता से लिया जाएगा। डॉक्टरों को जरूरत के अनुसार खून की जांच और पैथोलॉजिकल टेस्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मरीजों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर दी गई है।
नोएडा के स्कूलों ने जारी की एडवाइजरी
स्वाइन फ्लू और डेंगू को लेकर दिल्ली से सटे नोएडा में भी स्कूलों ने एहतियाती कदम उठाए हैं। कई स्कूलों की ओर से अभिभावकों को एडवाइजरी जारी कर बच्चों की सेहत पर नजर रखने की अपील की गई है।
स्कूल प्रबंधन ने कहा है कि जिन बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार या फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दें, उन्हें ठीक होने तक स्कूल न भेजा जाए। अभिभावकों से बच्चों को पर्याप्त आराम देने और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेने को कहा गया है। स्कूलों ने स्पष्ट किया है कि केवल अटेंडेंस के लिए बीमार बच्चों को स्कूल न भेजें।
दिल्ली में भी बढ़ रहे H1N1 के मामले
दिल्ली में भी स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी देखी गई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल राजधानी में H1N1 के 1,777 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि इन्फ्लूएंजा-A के 2,300 से ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं। इसके बाद दिल्ली सरकार ने लोगों को साफ-सफाई रखने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने और फ्लू जैसे गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।