15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर राष्ट्रगीत के दौरान कथित तौर पर बाधा डालने और अपमान करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली और ओडिशा में पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई है।
दिल्ली के आईपी एस्टेट थाने में शिकायत दर्ज
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शुभ शर्मा ने 16 अगस्त को दिल्ली के आईपी एस्टेट थाने में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ लिखित शिकायत दी।
आरोप: शिकायत में दावा किया गया है कि राष्ट्रगीत के गायन के दौरान सोनिया गांधी ने ऐसे इशारे किए, जिससे गीत को बीच में ही रोकने की मंशा जाहिर होती है।
वीडियो का हवाला: शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी के एक कथित वीडियो का हवाला भी दिया है, जिसमें वे यह कहते नजर आ रहे हैं कि “हम वंदे मातरम् नहीं गा रहे हैं।”
कानूनी कार्रवाई की मांग: अधिवक्ता ने इसे राष्ट्रीय प्रतीक/राष्ट्रगीत का अपमान बताते हुए निष्पक्ष जांच और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
DCP सेंट्रल का आधिकारिक बयान
मामले के तूल पकड़ने के बाद दिल्ली पुलिस के DCP सेंट्रल ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा:
“15 अगस्त 2026 को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गायन से जुड़ी कथित घटना के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस द्वारा मामले की प्राथमिक जांच की जा रही है।”
ओडिशा में भी BJYM ने दर्ज कराया केस, निकाला मौन जुलूस
विवाद का असर ओडिशा में भी देखने को मिला, जहाँ भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की राज्य इकाई ने भुवनेश्वर के खारवेल नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। BJYM ने अपनी शिकायत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नामजद करते हुए कड़े एक्शन की मांग की है।
BJYM के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडा ने कहा कि राष्ट्रगीत के दौरान बाधा पहुंचाना एक दंडनीय अपराध है। वहीं, घटना के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य पार्टी मुख्यालय से मास्टर कैंटीन चौक स्थित कांग्रेस भवन तक मौन जुलूस भी निकाला।
कांग्रेस का पलटवार: ‘कुर्सी मांग रही थीं सोनिया गांधी’
दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कांग्रेस की ओर से सफाई देते हुए कहा गया कि राष्ट्रगीत को रोकने या उसका अपमान करने की कोई कोशिश नहीं की गई थी।
पार्टी के अनुसार, सोनिया गांधी केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मंगवाने का इशारा कर रही थीं, क्योंकि वे काफी देर से खड़े थे। कांग्रेस ने भाजपा पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।