नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद सूची से बाहर रह गए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए चुनाव आयोग की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात और हरियाणा समेत कई राज्यों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जुटा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
इस दौरान मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। साथ ही, पुराने रिकॉर्ड से जानकारी का मिलान कर नाम जोड़ने से संबंधित मामलों को निपटाने की कोशिश की जा रही है। जिन लोगों के नाम पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सूची में शामिल नहीं हो पाए या हट गए हैं, उनकी पात्रता की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
छह राज्यों में विशेष अभियान, दस्तावेजों का हो रहा सत्यापन
चुनाव आयोग के अभियान के तहत उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात और हरियाणा में जमीनी स्तर पर काम किया जा रहा है। BLO मतदाताओं के घर पहुंचकर जरूरी जानकारी एकत्र कर रहे हैं और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पुराने रिकॉर्ड का सत्यापन कर रहे हैं।
कुछ मामलों में वर्ष 2002 की मतदाता सूची से भी जानकारी का मिलान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता की पहचान और पुराने रिकॉर्ड से संबंधित विवरणों की पुष्टि करना है। जिन नागरिकों की पात्रता और दस्तावेज निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाते हैं, उनके नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
वहीं, जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं या जिनके रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी पाई गई है, उन्हें संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने में सहायता दी जा रही है। इससे मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने का अवसर मिल सकेगा।
SIR को लेकर राजनीतिक विवाद भी जारी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी विवाद बना हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं, इंडिया ब्लॉक के नेता भी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
विपक्ष की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण और नामों को हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची को दुरुस्त करने और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने पर जोर
चुनाव आयोग की इस मुहिम में घर-घर जाकर जानकारी जुटाने और दस्तावेजों का सत्यापन करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका मकसद उन मतदाताओं तक पहुंचना है, जिनके नाम किसी कारणवश सूची में शामिल नहीं हो सके हैं।
हालांकि, नाम जोड़ने के लिए संबंधित नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा। मतदाताओं को भी सलाह दी जाती है कि वे अपने नाम और विवरण की स्थिति की जांच करें तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित BLO से संपर्क कर जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
राजनीतिक विवाद के बीच यह अभियान मतदाता सूची में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब यह देखना होगा कि विभिन्न राज्यों में चल रही इस प्रक्रिया के जरिए कितने पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल हो पाते हैं।