राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, मानहानि मामले में ट्रायल पर लगाई रोक; चार हफ्ते में मांगा जवाब

 

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने मामले में निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने राहुल गांधी की याचिका पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह मामला वर्ष 2018 में राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर राहुल गांधी की ओर से की गई कथित टिप्पणियों से जुड़ा है। इन टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद मामले में निचली अदालत में चल रही ट्रायल प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों से मांगा जवाब

राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया। इस पीठ में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह शामिल थे। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों से चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है।

राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने फिलहाल निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश दिया। हालांकि, इस आदेश को मामले में अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। याचिका पर आगे की सुनवाई और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही मामले की अगली स्थिति स्पष्ट होगी।

राफेल सौदे पर टिप्पणी से जुड़ा है मामला

दरअसल, वर्ष 2018 में राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के दौरान राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगा था। इसी टिप्पणी को आधार बनाकर उनके खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। इसी मामले में निचली अदालत में कानूनी कार्यवाही चल रही थी। राहुल गांधी ने इस मामले में राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी नोटिस के बाद अब संबंधित पक्षों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा। फिलहाल ट्रायल पर रोक लगने से राहुल गांधी को अंतरिम राहत मिली है। हालांकि, मानहानि मामले का अंतिम निपटारा अभी नहीं हुआ है।

अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों के जवाब और अदालत की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। सुप्रीम कोर्ट का अंतिम रुख ही यह तय करेगा कि मामले में आगे कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी।

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